रमा एकादशी पर वराह धाम की पंचकोशीय परिक्रमा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
हरि की पौड़ी से शुरू हुई परिक्रमा में गूंजे भगवान श्री वराह के जयकारे, जगह-जगह श्रद्धालुओं का हुआ स्वागत और प्रसादी वितरण

सोरोंजी (कासगंज)। तीर्थ नगरी सोरों स्थित भगवान श्री वराह की पावन अवतार एवं मोक्षस्थली आदि तीर्थ शूकरक्षेत्र धाम में रमा एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित पंचकोशीय परिक्रमा में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रातःकाल से ही विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। हरि की पौड़ी स्थित मां गंगा में स्नान एवं भगवान श्री वराह मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने जयघोष और हरिनाम संकीर्तन के साथ परिक्रमा प्रारंभ की।
पूरी परिक्रमा के दौरान शूकरक्षेत्र धाम भगवान श्री वराह के जयकारों और ‘ॐ जय गंगे, ॐ जय वराह’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। महिला, पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक परिक्रमा में सहभागिता कर अपनी धार्मिक आस्था और भक्ति का परिचय दिया।
सनातन संस्कृति और तीर्थ परंपराओं के संरक्षण का लिया संकल्प
ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पाण्डेय ने रमा एकादशी एवं शूकरक्षेत्र धाम के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमा एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना, आत्मशुद्धि, संयम और मोक्ष की कामना का पावन पर्व है। पद्म पुराण के उत्तरखंड में भी इस व्रत की महिमा का वर्णन मिलता है।
उन्होंने कहा कि शूकरक्षेत्र धाम का धार्मिक महत्व भगवान श्री वराह की दिव्य लीला से जुड़ा है। वराह पुराण के सौकरव क्षेत्र माहात्म्य में इस पवित्र तीर्थ का विशेष उल्लेख है। यह वही पावन भूमि है, जहां भगवान विष्णु ने वराह अवतार धारण कर पृथ्वी का उद्धार किया था। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एकादशी पर आयोजित पंचकोशीय परिक्रमा का उद्देश्य इस प्राचीन तीर्थ की धार्मिक एवं पौराणिक महत्ता को देश-विदेश तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को सनातन परंपराओं से जोड़ना है।
प्रमुख मंदिरों और तीर्थ स्थलों के दर्शन करते हुए पूरी हुई परिक्रमा
पंचकोशीय परिक्रमा हरि की पौड़ी स्थित भगवान श्री वराह मंदिर से प्रारंभ होकर वराह विश्राम घाट, वराह गौशाला, चक्रतीर्थ स्थित योगेश्वर महादेव मंदिर, सूर्यकुंड, दूधेश्वर महादेव मंदिर, सीताराम मंदिर, जया देवी भद्रकाली सिद्धपीठ, सतयुगकालीन गृद्धवट, आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित श्री यंत्र, ग्राम देवी मंदिर एवं गोस्वामी तुलसीदास जन्मस्थान मंदिर होते हुए 84 घंटे वाली मैया पहुंची।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने सेड़ूनगरा होते हुए भगवान श्रीकृष्ण एवं बलदाऊ महाराज की क्रीड़ास्थली तथा वत्सासुर मोक्षस्थली बाछरू महाराज के दर्शन किए। यहां सत्यदेव तिवारी ने बाछरू महाराज को केले का भोग लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की। इसके बाद श्रद्धालु सीता रसोई पहुंचे।
जगह-जगह हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत, वितरित की गई प्रसादी
सीता रसोई में प्रत्येक एकादशी की भांति इस बार भी शिव शक्ति प्रॉपर्टीज के रामदर्शन महेरे, नीरज तिवारी, रामकृष्ण उपाध्याय एवं उनके सहयोगियों द्वारा श्रद्धालुओं के विश्राम की व्यवस्था के साथ केले एवं सेब की प्रसादी वितरित की गई।
वहीं ममता देवी भवन ‘प्रेम जी की बगीची’ में दीपक बड़गैयाँ एवं उनके परिवार ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर साबूदाने की मेवा युक्त खीर का प्रसाद वितरित किया। सिग्नल वाले महाराज के स्थान पर गिरीश पाठक, अशोक धमनावत, विजय तिवारी एवं अन्य श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद वितरण और संकीर्तन का आयोजन किया गया।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने भागीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, वनखंडेश्वर महादेव, करुआ देव महाराज एवं श्री चैतन्य महाप्रभु की बैठक के दर्शन किए। अंत में सभी श्रद्धालु पुनः हरि की पौड़ी स्थित भगवान श्री वराह मंदिर पहुंचे, जहां विधिवत दर्शन के साथ पंचकोशीय परिक्रमा संपन्न हुई।
तीर्थ सेवा और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना हमारा उद्देश्य
शिवानंद उपाध्याय ने परिक्रमा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भक्तों की सहभागिता ही आयोजन की सबसे बड़ी शक्ति है। ब्राह्मण कल्याण सभा एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि तीर्थ सेवा, सामाजिक एकता, सनातन संस्कृति का संरक्षण और जनकल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाना है।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से प्रत्येक एकादशी पर आयोजित होने वाली पंचकोशीय परिक्रमा में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया, ताकि शूकरक्षेत्र धाम की प्राचीन धार्मिक गरिमा और परंपराओं को नई पहचान मिल सके।
इस अवसर पर शरद कुमार पाण्डेय, शिवानंद उपाध्याय, शशांक दीक्षित, विनोद दीक्षित, सचिन गुप्ता, राजकुमार गौड़, जितेंद्र कुमार हल्दिया, दीपक गुप्ता, पवन कुमार महेश्वरी, अजय राठी, गिरिजाशंकर पाठक, प्रदीप उपाध्याय, अभय भारद्वाज, राहुल भारद्वाज, रमेश चंद्र टाइगर, रामू तिवारी, रामू उपाध्याय, लाखन सिंह, ईश्वरी प्रसाद, खूब सिंह, मुकेश रावत, मोती सिंह, रामनिवास, उदयवीर, प्रवीण कुमार देव शर्मा, दिनेश गुप्ता सहित दूर-दराज से आए अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
Author: Soron Live 24

