करवा चौथ पर कस्तूरबा विद्यालयों की महिला कर्मियों को मिले अवकाश, महिला आयोग की सदस्य ने शासन को लिखा पत्र

रेनू गौड़ ने अपर मुख्य सचिव को भेजा पत्र, महिला शिक्षिकाओं, वार्डन और अन्य महिला कर्मचारियों के लिए अवकाश की मांग
कासगंज। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने करवा चौथ के अवसर पर प्रदेश के समस्त कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षिकाओं, वार्डन और अन्य महिला कर्मचारियों को अवकाश प्रदान किए जाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
पत्र में रेनू गौड़ ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षिकाएं, वार्डन एवं अन्य महिला कार्मिक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने कहा कि करवा चौथ भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और धार्मिक एवं पारिवारिक परंपराओं का पालन करती हैं। आवासीय विद्यालयों में निर्धारित जिम्मेदारियों के कारण महिला कर्मचारियों को पर्व की तैयारियों और पारिवारिक परंपराओं के निर्वहन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
छात्राओं की सुरक्षा और व्यवस्था का भी रखा ध्यान
रेनू गौड़ ने शासन से अनुरोध किया है कि महिला कर्मचारियों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं और पारिवारिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए उन्हें करवा चौथ पर अवकाश देने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यालयों की व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा एवं देखरेख प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी संबंधित विद्यालयों में इस संबंध में एकरूपता के साथ निर्णय लेने की मांग की है।
पत्र में उम्मीद जताई गई है कि शासन महिला कर्मचारियों की भावनाओं और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
Author: Soron Live 24

