हत्या के मामले में धर्मेंद्र कश्यप को उम्रकैद, 60 हजार रुपये का जुर्माना
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत कासगंज पुलिस की प्रभावी पैरवी लाई रंग, विवेचक निरीक्षक लोकेश भाटी की भूमिका रही अहम

कासगंज। हत्या के एक मामले में प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के चलते एडीजे-01 न्यायालय कासगंज ने अभियुक्त धर्मेंद्र कश्यप पुत्र सुरेश, निवासी कंचन, कासगंज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह के अतिरिक्त साधारण कारावास का आदेश दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 21 जनवरी 2025 को कोतवाली कासगंज में वादी के पिता की हत्या के संबंध में अज्ञात अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान धर्मेंद्र कश्यप का नाम प्रकाश में आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साक्ष्य संकलन और विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
निरीक्षक लोकेश भाटी की विवेचना और प्रभावी पैरवी से मिली सफलता
हत्या जैसे गंभीर अपराध में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के पर्यवेक्षण में कोतवाली पुलिस, मॉनिटरिंग सेल तथा अभियोजन कार्यालय ने प्रभावी पैरवी की। मामले के विवेचक निरीक्षक लोकेश भाटी ने विवेचनात्मक कार्रवाई को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, न्यायालय में गवाहों को समय से प्रस्तुत कराने और साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी किए जाने से अभियोजन पक्ष को मजबूती मिली।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार सिंह, कोर्ट पैरोकार हेड कांस्टेबल राजेश कुमार तथा कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल पंकज कुमार ने भी पैरवी में सहयोग किया।
12 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए फैसले में न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 103(1)/317(2) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलता
उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत इस मामले में मिली सजा को कासगंज पुलिस की प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की समन्वित पैरवी का परिणाम माना जा रहा है। गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस और अभियोजन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Author: Soron Live 24

