जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा कासगंज, भव्य श्रीराम बारात ने मोहा मन

जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा कासगंज, भव्य श्रीराम बारात ने मोहा मन

 

जनकपुरी से आई पीली चिट्ठी, श्रीराम-सीता विवाह का हुआ दिव्य मंचन; श्रद्धा और उल्लास के बीच निकली शोभायात्रा

 

कासगंज। श्री रामलीला कमेटी (रजि.) कासगंज के तत्वावधान में बुधवार को नगर में भव्य श्रीराम बारात एवं श्रीराम-सीता विवाह का दिव्य मंचन श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। भगवान श्रीराम की बारात की भव्य शोभायात्रा ने नगर का वातावरण भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला और जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह बाराद्वारी पर जनकपुरी (सूत की मंडी) से पीली चिट्ठी लेकर पहुंचे अतिथियों के भव्य स्वागत-सत्कार के साथ हुआ। इसके बाद शाम चार बजे भगवान श्रीराम की भव्य बारात शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण के लिए निकली। वहीं, रात्रि आठ बजे रामलीला मंच पर जनकपुरी से पीली चिट्ठी के आगमन, श्रीराम बारात, भगवान श्रीराम एवं माता सीता के विवाह और माता सीता की जनकपुरी से विदाई का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

श्रीराम के आदर्श समाज को देते हैं मर्यादा और संस्कारों का संदेश

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आशुतोष जी, विभाग प्रचारक एटा विभाग, ब्रज प्रांत तथा अमलेन्दु शर्मा भाई साहब, विभाग व्यवस्था प्रमुख एटा विभाग, ब्रज प्रांत रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रमुख व्यवसायी गोपाल माहेश्वरी (बीज वाले) एवं छर्रा से पधारे प्रमुख व्यवसायी नवनीत माहेश्वरी शामिल रहे।

मुख्य अतिथि आशुतोष जी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्शों का प्रतीक है। श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में संस्कार, सद्भाव और आपसी समरसता को मजबूत किया जा सकता है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी गौरवशाली परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

नोट: मुख्य अतिथि के बयान का उपरोक्त प्रारूप उपलब्ध विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। प्रकाशन से पहले इसे अतिथि के वास्तविक वक्तव्य के अनुसार सत्यापित कर लें।

भावेश भारद्वाज के निर्देशन में हुआ रामलीला का मंचन

श्रीरामलीला का मंचन वृंदावन से आए भावेश भारद्वाज के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम में पुरोहित की भूमिका पं. ओम प्रकाश पाठक एवं पं. भरत गौतम ने निभाई, जबकि मंच संचालन नवीन सक्सेना ने किया। विवाह प्रसंग और माता सीता की विदाई के दृश्य ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया।

कमेटी पदाधिकारियों ने संभाली व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी

कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में समिति अध्यक्ष गोपाल मराठा, महामंत्री अरविंद वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष अमरीश वशिष्ठ, कार्यकारी अध्यक्ष अजय गुप्ता (डीसीएम), जय प्रकाश गुप्ता, प्रबंधक आकाश गोयल, कार्यकारी महामंत्री स्वयं माहेश्वरी, उपाध्यक्ष अनुज जौहरी एवं विनोद कुशवाहा, कार्यकारी कोषाध्यक्ष गौरव पाल, सह-कोषाध्यक्ष अंशुल गुप्ता, मंत्री संजय कुशवाहा, सह महामंत्री आदित्य गुप्ता और स्टेज इंचार्ज रजनीश वार्ष्णेय सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य जुटे रहे।

इसके अलावा सच्चितानंद, विशु वार्ष्णेय, अजय भारद्वाज, आशु गुप्ता, गौरव गुप्ता, आकाश शर्मा, संस्कार बिड़ला, कृष्णा गुप्ता, गोपाल गुप्ता, भास्कर, अभिनव गौतम, शिवा सैनी, चंद्रवीर यादव, ऋषभ माहेश्वरी, कुश बिड़ला, अंश माहेश्वरी, शिवम अग्रवाल, विकल अग्रवाल, अजय अग्रवाल, प्रिंस वार्ष्णेय, उमंग सैनी, कुशाग्र मराठा, कुणाल साहू, अमन कुलश्रेष्ठ, राजेंद्र बिड़ला, इंद्रमोहन गुप्ता एवं भविष्य माहेश्वरी सहित अनेक समाजसेवी और धर्मप्रेमी व्यवस्थाओं में सक्रिय रहे।

अंत में समिति पदाधिकारियों ने नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए परिवार सहित धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने और रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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