सोरों जी में तमिलनाडु के 600 श्रद्धालुओं ने किया पितरों का पिंडदान
आचार्य नरेश त्रिगुणायत व आचार्य शम्भू गोस्वामी के सानिध्य में हुआ पिंडदान-तर्पण, श्रद्धालुओं ने किए भगवान वराह के दर्शन

सोरों जी यूपी । (लेखक सचिन उपाध्याय) तीर्थ नगरी सोरों जी में टूर टाइम्स ग्रुप के तत्वावधान में तमिलनाडु से आए करीब 600 श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मशांति के लिए विधि-विधान से पिंडदान, जलदान एवं तर्पण किया। धार्मिक अनुष्ठान आचार्य नरेश त्रिगुणायत एवं आचार्य शम्भू गोस्वामी के सानिध्य में संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं ने पिंडदान एवं तर्पण के उपरांत भगवान वराह के दर्शन किए। वराह मंदिर के सेवायत आचार्य नरेश त्रिगुणायत ने मंदिर में विधि-विधान से पूजन कराया और श्रद्धालुओं को भगवान वराह एवं सोरों तीर्थ की धार्मिक महत्ता के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान हैदराबाद से आए आचार्य रमेश उपाध्याय, आचार्य विकटेश्वर शर्मा सहित 11 ब्राह्मणों ने श्रद्धालुओं से पिंडदान एवं तर्पण की धार्मिक विधियां संपन्न कराईं। श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के निमित्त श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पितरों के प्रति श्रद्धा और सनातन परंपरा का प्रतीक है पिंडदान : आचार्य नरेश
आचार्य नरेश त्रिगुणायत ने कहा कि सोरों जी की धार्मिक भूमि पर पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करना श्रद्धा एवं सनातन परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का सोरों आकर धार्मिक अनुष्ठान करना इस तीर्थ की महत्ता को दर्शाता है। तमिलनाडु से आए श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पितरों का स्मरण कर श्रद्धा अर्पित की और भगवान वराह के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सोरों आकर तीर्थ परंपरा से जुड़ना सौभाग्य : आचार्य शम्भू गोस्वामी
आचार्य शम्भू गोस्वामी ने कहा कि सोरों जी प्राचीन धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी है। यहां पितरों के निमित्त पिंडदान एवं तर्पण करने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। तमिलनाडु से इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सोरों आकर अपने पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित करना सनातन संस्कृति की व्यापकता और आस्था का परिचायक है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रा हमारी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
वराह घाट पर किया पिंडदान का विसर्जन, जलदान व तर्पण
पिंडदान की धार्मिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं ने वराह घाट पर पिंडदान का विसर्जन किया। आचार्य बंशीधर द्विवेदी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से जलदान एवं तर्पण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने पितरों का स्मरण करते हुए श्रद्धा भाव से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए।
तीर्थ नगरी के दर्शनीय स्थलों का किया भ्रमण
पिंडदान एवं तर्पण के बाद तमिलनाडु से आए श्रद्धालुओं ने तीर्थ नगरी सोरों जी का भ्रमण किया और यहां स्थित विभिन्न धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने सोरों की धार्मिक परंपरा, प्राचीन महत्व और आध्यात्मिक विरासत को करीब से जाना।
टूर टाइम्स ग्रुप के फाउंडर गणेश ‘चेन्नई वाले’ के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल रहा।
Author: Soron Live 24


