एकादशी पर धरणीधर वाराह भगवान का देशी घी से अभिषेक

तीर्थ नगरी सोरों में विधि-विधान से हुआ पूजन, मंदिर सेवायत नरेश त्रिगुणायत व शंभु गोस्वामी ने मंत्रोच्चारण के साथ कराया अभिषेक
सोरों/कासगंज। तीर्थ नगरी सोरों शूकर क्षेत्र में एकादशी के पावन अवसर पर भगवान धरणीधर वाराह का विधि-विधान के साथ पूजन-अभिषेक किया गया। मंदिर में भगवान वाराह का देशी घी से अभिषेक कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और लोक कल्याण की कामना की।
मंदिर सेवायत नरेश त्रिगुणायत एवं शंभु गोस्वामी के सानिध्य में मंत्रोच्चारण के साथ भगवान धरणीधर वाराह का देशी घी से अभिषेक कराया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। अभिषेक एवं पूजन में मंदिर के भक्तों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
एकादशी के अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान धरणीधर वाराह की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व
मंदिर सेवायत नरेश त्रिगुणायत ने कहा कि एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इस पावन अवसर पर भगवान धरणीधर वाराह का अभिषेक एवं पूजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर है। भगवान वाराह की आराधना से भक्तों में धर्म और आस्था की भावना मजबूत होती है तथा सभी के कल्याण की कामना की जाती है।
उन्होंने कहा कि सोरों शूकर क्षेत्र भगवान वाराह की पावन स्थली है। यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों से देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे आयोजनों से तीर्थ नगरी की धार्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने में भी योगदान मिलता है।
Author: Soron Live 24

