मिलावटखोरी पर मचा घमासान, RTI ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मांगा 9 सवालों का हिसाब!

मिलावटखोरी पर मचा घमासान, RTI ने खाद्य विभाग से मांगा 9 सवालों का हिसाब!

सैंपल लिए तो रिपोर्ट कहां गई? दुकानों के नाम से लेकर लैब रिपोर्ट, टूर डायरी और सरकारी खर्च तक मांगी जानकारी

सोरों, कासगंज। सोरों में दूध, घी, मिठाई और मसालों में कथित मिलावटखोरी को लेकर अब मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नमूनों की लैब रिपोर्ट सामने नहीं आने से नाराज स्थानीय युवक शिव वेंदेल ने अब सूचना का अधिकार (RTI) का सहारा लिया है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से नौ बिंदुओं पर प्रमाणित सूचना मांगकर पूरे मामले का रिकॉर्ड सामने लाने की मांग की है।

शिकायत हुई, सैंपल भी लिए गए… फिर रिपोर्ट कहां अटकी?

शिव वेंदेल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत संख्या 40020226008834 दर्ज कर सोरों में खाद्य पदार्थों में कथित मिलावट की शिकायत की थी। शिकायत के बाद विभाग की ओर से कुछ दुकानों से नमूने लिए जाने की बात कही गई, लेकिन उनका दावा है कि आज तक नमूनों की लैब रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।

इसी को लेकर उन्होंने 6 सितंबर 2026 को जन सूचना अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, कासगंज/लखनऊ को RTI भेजी है।

RTI में नौ बिंदुओं पर मांगा जवाब, विभाग से मांगा पूरा हिसाब

1. शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई?

शिकायत पर की गई पूरी फाइल नोटिंग और कार्रवाई रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति मांगी गई है।

2. किन दुकानों से लिए गए सैंपल?

सोरों में जिन दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, उनके नाम और नमूना लेने की तारीख मांगी गई है।

3. लैब तक सैंपल पहुंचा या नहीं?

लिए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजने की रसीद और संबंधित रिकॉर्ड की मांग की गई है।

4. नमूनों की जांच रिपोर्ट कहां है?

RTI में सभी नमूनों की लैब टेस्ट रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा गया है।

5. एक साल में कितने सैंपल फेल हुए?

पिछले एक वर्ष में कितने नमूने फेल हुए और फेल पाए गए दुकानदारों के खिलाफ FSS Act के तहत क्या कार्रवाई की गई, इसका ब्यौरा मांगा गया है।

6. सैंपलिंग वाले दिन FSO कहां-कहां गया?

जिस दिन सोरों में नमूने लिए गए, उस दिन संबंधित FSO की Tour Diary की प्रमाणित प्रति मांगी गई है।

7. सरकारी खजाने से कितना खर्च हुआ?

नमूना लेने की कार्रवाई में हुए सरकारी खर्च और TA/DA का पूरा विवरण मांगा गया है।

8. सोरों में तैनात FSO कौन है?

सोरों में नियुक्त Food Safety Officer (FSO) का नाम और उसकी तैनाती से संबंधित जानकारी मांगी गई है।

9. कितनी छापेमारी और कार्रवाई हुई?

संबंधित FSO द्वारा सोरों में की गई छापेमारी और कार्रवाई का पूरा ब्यौरा RTI के जरिए मांगा गया है।

‘पैसे लेकर सैंपल बदलने की चर्चा’ का लगाया आरोप

शिव वेंदेल ने आरोप लगाया है कि नमूने लिए जाने के बाद क्षेत्र में पैसे लेकर नमूने बदल दिए जाने की चर्चा है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनका कहना है कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण नमूने लेने से लेकर लैब रिपोर्ट और कार्रवाई तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

10 रुपये के पोस्टल ऑर्डर के साथ दाखिल की RTI

शिव वेंदेल के अनुसार RTI आवेदन के साथ 10 रुपये का पोस्टल ऑर्डर संख्या 64F 553759 भी लगाया गया है। अब विभाग के जवाब का इंतजार है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित 30 दिन की अवधि में जवाब नहीं मिला, तो वह प्रथम अपील दाखिल करेंगे।

अब RTI के जवाब से खुलेगा मिलावट की जांच का राज!

शिकायत, सैंपलिंग और लैब रिपोर्ट को लेकर उठे सवालों के बीच अब सबकी नजर खाद्य सुरक्षा विभाग के जवाब पर है। RTI के जरिए मांगी गई जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सैंपल कब लिए गए, कहां भेजे गए, उनकी जांच में क्या सामने आया और दोषी पाए जाने पर क्या कार्रवाई हुई।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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