सवर्ण आयोग के गठन की मांग, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन ए डीएम को सौंपा
आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा और आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की उठी आवाज
ज्ञापन को लेकर पुलिस बल रहा तैनात, बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद
कासगंज। सवर्ण समाज जनपद कासगंज की ओर से मंगलवार को अपर जिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राष्ट्रीय स्तर पर सवर्ण आयोग के तत्काल गठन, वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष एवं समयबद्ध समीक्षा तथा शिक्षा और सरकारी नौकरियों में योग्यता एवं आर्थिक स्थिति को प्राथमिकता दिए जाने की मांग की गई। सवर्ण समाज के आक्रोश को देखते हुए जनपद के विभिन्न थानों से पुलिस बल भी तैनात रहा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि देश में विभिन्न वर्गों के लिए संवैधानिक प्रावधानों के तहत आरक्षण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के शैक्षणिक, आर्थिक और रोजगार संबंधी हितों के प्रतिनिधित्व के लिए अब तक कोई प्रभावी आयोग नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर वैधानिक और अधिकार-संपन्न सवर्ण आयोग गठित किए जाने की मांग की, जो इस वर्ग की समस्याओं को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रख सके। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा कर शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में प्रतिभा, बौद्धिक योग्यता तथा आर्थिक स्थिति को प्रमुख आधार बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि वे किसी वर्ग के अधिकारों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अवसर, योग्यता का सम्मान और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में अशोक राघव, राहुल सोलंकी, अरुण चौहान, मनोज ठाकुर, मीनू चौहान, अखिलेश अग्रवाल, कबीर प्रताप सिंह, राम लखन सिंह, अमित सक्सेना, उपेंद्र चौहान, दीपू सोलंकी, संजय पंडित, अनुपम भारद्वाज, गोपाल मराठा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कैप्शन- अपर जिलाधिाकरी को ज्ञापन सौपने जाता सवर्ण समाज
Author: Soron Live 24

