एनडीआरएफ ने के.ए. पीजी कॉलेज में सिखाए आपदा से बचाव के गुर

एनडीआरएफ ने के.ए. पीजी कॉलेज में सिखाए आपदा से बचाव के गुर

NSS-NCC कैडेट्स को भूकंप, बाढ़, अग्निकांड और आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय बताए, CPR व प्राथमिक उपचार का कराया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कासगंज यूपी। 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), गाजियाबाद के कमांडेंट सुदेश कुमार के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन कासगंज के समन्वय से जिले में प्री-मानसून तैनाती पर कार्यरत एनडीआरएफ टीम द्वारा लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में के.ए. पीजी कॉलेज, कासगंज में स्कूल सुरक्षा एवं आपदा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कॉलेज के NSS और NCC कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में टीम कमांडर निरीक्षक चमन किशोर गुप्ता के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों, NSS-NCC कैडेट्स और शिक्षकों को भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, आकाशीय बिजली समेत विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों की जानकारी दी।

एनडीआरएफ जवानों ने भूकंप के दौरान ‘ड्रॉप, कवर एवं होल्ड’ तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसके माध्यम से कैडेट्स को आपदा के समय सुरक्षित प्रतिक्रिया देने के महत्वपूर्ण तरीके समझाए गए।

CPR और प्राथमिक उपचार का कराया प्रशिक्षण

कार्यक्रम में CPR, बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), प्राथमिक उपचार और गले में भोजन अथवा कोई वस्तु फंसने (FBAO/Choking) की स्थिति में अपनाई जाने वाली जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, स्ट्रेचर के सही उपयोग तथा आपदा के दौरान त्वरित एवं सुरक्षित प्रतिक्रिया के तरीकों की जानकारी दी गई।

एनडीआरएफ टीम ने कैडेट्स को आपदा से पहले की तैयारी, आपदा के दौरान सुरक्षित व्यवहार और आपदा के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया। NSS और NCC कैडेट्स ने विभिन्न जीवनरक्षक तकनीकों एवं आपदा प्रबंधन उपायों को व्यवहारिक रूप से समझते हुए प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी की।

आपदा में धैर्य और टीम भावना जरूरी

प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मिथलेश कुमारी ने एनडीआरएफ के इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए टीम को आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से NSS और NCC कैडेट्स के लिए यह प्रशिक्षण बेहद उपयोगी है, क्योंकि आपदा या आपातकालीन स्थिति में वे स्वयं सुरक्षित रहते हुए अन्य लोगों को भी जागरूक करने और सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर टीम कमांडर निरीक्षक चमन किशोर गुप्ता ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सजगता और सूझबूझ के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन एवं जीवनरक्षक कौशल को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखें, बल्कि परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि जन-जागरूकता की कड़ी और मजबूत हो सके।

उन्होंने विश्वास जताया कि जागरूक एवं प्रशिक्षित NSS-NCC कैडेट्स आपदा के समय स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की जान बचाने और समुदाय में आपदा जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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