तीर्थ नगरी सोरों में फुटपाथ पर कब्जा! कांवड़ मेले से पहले नगर पालिका की कार्यशैली पर उठे सवाल
चंदन चौक से लहरा रोड तक फुटपाथ गायब, दुकानों के सामान से पैदल चलना मुश्किल; कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा

कासगंज/सोरों। (लेखक सचिन उपाध्याय)विश्व प्रसिद्ध तीर्थ नगरी सोरों शूकर क्षेत्र में कांवड़ मेले की तैयारियों के बीच शहर के प्रमुख बाजारों में फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सावन माह में हजारों कांवड़ श्रद्धालुओं के आगमन से पहले भी फुटपाथ खाली नहीं कराए जा सके हैं, जिससे आम लोगों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, चंदन चौक, रामसिंह पुरा,कछला गेट, लहरा रोड, सहावर गेट, मोहल्ला बदरिया सहित कई प्रमुख मार्गों पर दुकानदारों ने फुटपाथों पर सामान रखकर स्थायी कब्जा कर लिया है। स्थिति यह है कि पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं और लोगों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है और दिनभर जाम की स्थिति भी देखने को मिलती है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि रामलाल हलवाई चौराहे से लेकर बदरिया क्षेत्र तक कई दुकानदारों ने फुटपाथ पर पूरी तरह कब्जा कर रखा है। दुकानों का सामान सड़क तक फैला होने से वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह से कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। इस दौरान हजारों कांवड़िए इन्हीं मार्गों से गुजरेंगे। विशेष रूप से डाक कांवड़ लेकर दौड़ते हुए श्रद्धालुओं के लिए अतिक्रमण गंभीर खतरा बन सकता है। यदि समय रहते फुटपाथ और सड़क किनारे का कब्जा नहीं हटाया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका समय-समय पर अभियान चलाने के दावे तो करती है, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
अधिवक्ता केशव मिश्रा ने उठाए सवाल
अधिवक्ता केशव मिश्रा ने कहा कि फुटपाथ आम नागरिकों और पैदल यात्रियों के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन सोरों में इन पर खुलेआम कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय समय-समय पर सार्वजनिक मार्गों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दे चुके हैं। यदि नगर पालिका प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो यह आम जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ होगा।
ब्राह्मण नेता अभिषेक वशिष्ठ बोले— श्रद्धालुओं की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए
ब्राह्मण नेता अभिषेक वशिष्ठ ने कहा कि सोरों एक अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाली धार्मिक नगरी है, जहां सावन में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में फुटपाथों और सड़कों पर अतिक्रमण शहर की छवि को धूमिल कर रहा है। उन्होंने नगर पालिका से तत्काल अतिक्रमण हटाने और पूरे बाजार को व्यवस्थित कराने की मांग की, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
युवा नेता राज वैभव महेरे ने की संयुक्त अभियान चलाने की मांग
युवा नेता राज वैभव महेरे ने कहा कि नगर पालिका, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर बाजारों को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान डाक कांवड़िए तेज गति से निकलते हैं। यदि फुटपाथ और सड़क किनारे का अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाएगी।
नगर पालिका से उठ रहे बड़े सवाल
- कांवड़ मेले से पहले भी फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त क्यों नहीं कराए गए?
- जब फुटपाथ पर कब्जा है तो पैदल श्रद्धालु और आम लोग कहां चलें?
- क्या नगर पालिका केवल कागजों में अतिक्रमण अभियान चलाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रही है?
- लगातार शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले नगर पालिका प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त अभियान चलाकर सभी प्रमुख बाजारों के फुटपाथ और सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन मिल सके।
Author: Soron Live 24

