किसानों और छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस का तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
यूरिया-डीएपी की उपलब्धता, स्मार्ट मीटर, बढ़े बिजली बिल और छात्रों पर लाठीचार्ज की जांच की उठाई मांग

कासगंज। जिला कांग्रेस कमेटी कासगंज के तत्वावधान में बुधवार को जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में किसानों, छात्रों और आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन तहसील कासगंज के माध्यम से प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को यूरिया एवं डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने, स्मार्ट मीटरों से बढ़े बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा आम जनता को राहत देने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक धनगर को दिल्ली और लखनऊ जाने से रोकने के लिए पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया था। बाद में ज्ञापन सौंपने की अनुमति मिलने पर पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों नेताओं को तहसील लाया गया, जहां प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय ने कहा कि धान एवं अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के समय किसानों को सबसे अधिक खाद की आवश्यकता होती है, लेकिन जनपद सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में यूरिया और डीएपी की कमी से किसान परेशान हैं। खाद लेने के लिए किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जिससे खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराकर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।
ज्ञापन में तहसीलों में खतौनी, हिस्सा प्रमाण-पत्र एवं अन्य राजस्व सेवाओं में निर्धारित शुल्क का पालन सुनिश्चित कराने, अनियमितताओं पर रोक लगाने तथा दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की गई। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एआईसीसी सदस्य मुनेन्द्र पाल सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश का किसान गंभीर संकट से गुजर रहा है। समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने और फसलों का उचित मूल्य न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलों में खतौनी, हिस्सा प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक धन वसूला जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने प्रशासन से किसानों, छात्रों और आम जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए समस्याओं के समाधान की मांग की।
इस दौरान सत्यप्रकाश गुप्ता, अली हसन, अमित कुमार (भैय्यू), दीपक धनगर, अमित पाठक, नूर मोहम्मद नूरी, अमरदीन अंसारी, राजकपूर, गुलफाम सिंह, झम्मन सिंह, सुशील शर्मा, प्रतिभा सिंह, ऊषा पाल, अर्चिका मिश्रा, सोनी, दीपू पाण्डेय, अभिषेक दुबे, राजा सलमानी, सलीम सैफी, विमल कुमार सिंह, चमन मियां, आकाश, अखिलेश पाल, वीरेंद्र यादव, चरन सिंह, नीटू पंडित, दिनेश मिश्रा, चमन टेलर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Author: Soron Live 24

