चंबल के आखिरी कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अस्थियां सोरों हरिपदी गंगा में विसर्जित

125 से अधिक मामलों का था आरोपी, बेटे आसाराम और भाई पान सिंह ने कराया पिंडदान व अस्थि विसर्जन
सोरों (कासगंज)। चंबल के आखिरी कुख्यात डकैतों में शुमार रहे जगन गुर्जर की हत्या के बाद उनकी अस्थियां बुधवार को मोक्षदायिनी तीर्थ नगरी सोरों शूकरक्षेत्र स्थित हरिपदी गंगा में पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ विसर्जित की गईं। अस्थि विसर्जन के लिए उनके परिजन विशेष रूप से सोरों पहुंचे, जहां तीर्थ पुरोहितों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पिंडदान, तर्पण और अस्थि विसर्जन की सभी रस्में संपन्न कराईं।
अस्थि विसर्जन के दौरान जगन गुर्जर के बेटे आसाराम गुर्जर और भाई पान सिंह गुर्जर सहित अन्य परिजन मौजूद रहे। तैलीय जातीय मंदिर घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। परिजनों ने दिवंगत की आत्मा की शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना की तथा इसके बाद हरिपदी गंगा में अस्थियां प्रवाहित कीं।
जगन गुर्जर का नाम वर्षों तक चंबल के बीहड़ों में सक्रिय कुख्यात डकैतों में लिया जाता रहा। उसके खिलाफ डकैती, हत्या, अपहरण, लूट और अन्य गंभीर अपराधों समेत 125 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। लंबे समय तक वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। हाल ही में उसकी जेल में हुई हत्या के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने पर परिजन उसकी अस्थियां लेकर सोरों पहुंचे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मोक्षदायिनी हरिपदी गंगा में अस्थि विसर्जन और पिंडदान का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु अपने परिजनों की अस्थियां लेकर सोरों पहुंचते हैं। बुधवार को जगन गुर्जर के परिजनों ने भी इसी परंपरा का पालन करते हुए वैदिक रीति-रिवाजों के साथ धार्मिक संस्कार संपन्न कराए।
Author: Soron Live 24

