योगिनी एकादशी पर निकलेगी शूकरक्षेत्र धाम की पावन पंचकोशीय परिक्रमा
10 जुलाई को सुबह 6 बजे हरि की पौड़ी स्थित श्री वराह मंदिर से होगा शुभारंभ, श्रद्धालुओं से अधिकाधिक सहभागिता की अपील

सोरों शूकरक्षेत्र (कासगंज)। भगवान श्री वराह की पावन तपोभूमि एवं मोक्षस्थली शूकरक्षेत्र धाम सोरों जी में योगिनी एकादशी के पावन अवसर पर 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को प्रातः 6:00 बजे हरि की पौड़ी स्थित श्री वराह मंदिर से पंचकोशीय परिक्रमा का शुभारंभ होगा। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पाण्डेय ने बताया कि सनातन धर्म में प्रत्येक एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का विशेष महत्व है, जिसका उल्लेख धर्मशास्त्रों और ब्रह्मवैवर्त पुराण में पापों का नाश करने वाली, रोगों से मुक्ति दिलाने वाली तथा मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी के रूप में किया गया है।
उन्होंने कहा कि शूकरक्षेत्र धाम की पंचकोशीय परिक्रमा भगवान श्री वराह, माँ गंगा और इस प्राचीन तीर्थ की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ने का दुर्लभ अवसर है। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन कर भगवान श्री वराह एवं माँ गंगा से सुख, समृद्धि, आरोग्य और लोक-परलोक के कल्याण की कामना करते हैं।
शरद कुमार पाण्डेय ने बताया कि ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य प्राप्त होता है। इसलिए इस दिन व्रत, जप, ध्यान, दान और तीर्थ परिक्रमा का विशेष महत्व है।
उन्होंने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे परिवार सहित पंचकोशीय परिक्रमा में सम्मिलित होकर भगवान श्री वराह एवं माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा शूकरक्षेत्र धाम की गौरवशाली धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।
🚩 ॐ जय गंगे। ॐ जय वराह। 🚩
“प्रत्येक एकादशी – चलो चलें पंचकोशीय परिक्रमा।”
Author: Soron Live 24

