पालिकाध्यक्ष बनाम सभासद: सोरों पालिका में बढ़ा टकराव, डीएम कार्यालय पहुंचा विरोध
11 सभासदों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफा और सत्याग्रह की चेतावनी

कासगंज/सोरों। नगर पालिका परिषद सोरों में बजट बैठक को लेकर विवाद गहरा गया है। पालिकाध्यक्ष और सभासद आमने-सामने आ गए हैं। गुरुवार को 11 निर्वाचित सभासदों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर संयुक्त ज्ञापन सौंपते हुए पालिकाध्यक्ष पर निजी कार्यालय में नियमों के विपरीत बजट बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराने का आरोप लगाया।
सभासदों का कहना है कि 1 जुलाई 2026 को आयोजित बजट बैठक उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी। उनका आरोप है कि निर्धारित बहुमत के बिना और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना बजट पारित कराया गया। उन्होंने बैठक को निरस्त कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो 11 सभासद सामूहिक इस्तीफा देंगे और सत्याग्रह आंदोलन शुरू करेंगे।
सभासद संघ अध्यक्ष विष्णु कांत तिवारी ने कहा
“नगर पालिका लोकतांत्रिक संस्था है और यहां हर निर्णय कानून एवं नियमों के तहत होना चाहिए। यदि नियमों की अनदेखी कर बजट पारित कराया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो सभी 11 सभासद सामूहिक इस्तीफा देकर सत्याग्रह करने को मजबूर होंगे।”
सभासद नितेश पचौरी ने कहा
“हम किसी व्यक्तिगत विरोध के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हमारी मांग है कि अवैध रूप से पारित बजट को निरस्त कर नियमानुसार दोबारा बैठक कराई जाए। यदि हमारी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”
ज्ञापन सौंपने वालों में सभासद संघ अध्यक्ष विष्णु कांत तिवारी, नितेश पचौरी, मीना देवी, सुनीता देवी, आरती चौधरी, जयपाल कश्यप, पवनेश सक्सेना, कौसर बेगम, रवि दुबे, राम सनेही और बबली सहित अन्य सभासद मौजूद रहे।
Author: Soron Live 24

