सोरों नगर पालिका की बजट बैठक पर बवाल, सभासदों ने डीएम को ईमेल व एक्स पर भेजी शिकायत; पालिका प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार


कासगंज। सोरों नगर पालिका परिषद की बजट बैठक को लेकर विवाद गहरा गया है। वार्ड संख्या-13 के सभासद पवनेश सक्सेना सहित कई सभासदों ने ईमेल और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से जिलाधिकारी कासगंज को शिकायत भेजकर नगर पालिका अध्यक्ष पर नियमों के उल्लंघन और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 1 जुलाई 2026 को बजट बैठक नगर पालिका कार्यालय के बजाय अध्यक्ष के रेलवे रोड स्थित कैंप कार्यालय/निजी आवास पर आयोजित की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। उनका आरोप है कि 25 निर्वाचित सभासदों में से केवल 11 सभासद ही बैठक में मौजूद थे, जबकि आवश्यक बहुमत के बिना ही करोड़ों रुपये के बजट प्रस्तावों को पारित दिखा दिया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बैठक में अनुपस्थित सभासदों के कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज किए गए तथा फर्जी बिलों एवं कमीशन आधारित करोड़ों रुपये के प्रस्ताव भी स्वीकृत कर दिए गए। सभासदों ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने, बजट प्रस्तावों को निरस्त करने, दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा नगर पालिका अध्यक्ष को पद से हटाने की संस्तुति शासन को भेजने की मांग की है।
शिकायत का समर्थन करने वालों में सभासद संघ अध्यक्ष विष्णुकान्त तिवारी, पवनेश सक्सेना, जयपाल कश्यप, आरती चौधरी, रवि दुबे, नीतेश पचौरी, कौसर बेगम, बबली, सुनीता देवी, मीना, राम सनेही तथा एक सभासद प्रतिनिधि शामिल रहे।
वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। पालिका प्रशासन के अनुसार बोर्ड की बैठक नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे के रेलवे रोड स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित की गई, जिसमें नामित सभासद सहित 18 सभासद एवं अधिशासी अधिकारी हर्षिता देवड़ा उपस्थित रहीं। प्रशासन का कहना है कि बैठक का एजेंडा सभी सभासदों को पूर्व में भेजा गया था और सभी को बैठक की सूचना दी गई थी।
फिलहाल, शिकायतकर्ता सभासदों द्वारा लगाए गए आरोपों और नगर पालिका प्रशासन के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब जिला प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Soron Live 24

