निर्जला एकादशी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने की शूकरक्षेत्र धाम की पंचकोशीय परिक्रमा

सोरों शूकरक्षेत्र, कासगंज। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर भगवान वराह की नगरी शूकरक्षेत्र सोरों में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी स्थित पवित्र गंगा में स्नान कर भगवान वराह नारायण का पूजन-अर्चन किया तथा पंचकोशीय परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
प्रातः 6:30 बजे भगवान वराह मंदिर, हरि की पौड़ी से पंचकोशीय परिक्रमा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु “ॐ जय गंगे”, “ॐ जय वराह”, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” तथा अन्य धार्मिक जयघोषों के साथ हरिनाम संकीर्तन एवं भजन-कीर्तन करते हुए परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़े। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने वराह गौशाला, चक्रतीर्थ, सूर्यकुण्ड, चन्द्रकुण्ड, जया देवी भद्रकाली मंदिर, बटुक भैरव मंदिर, प्राचीन गृद्धवट, ग्राम देवी मंदिर, सीताराम मंदिर, तुलसीदास जन्मस्थान मंदिर, चौरासी घंटे वाली मैया तथा बाछरू महाराज सहित अनेक पवित्र स्थलों के दर्शन किए। मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शरबत, फल, प्रसाद एवं विश्राम की व्यवस्था की गई।
ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पाण्डेय ने बताया कि निर्जला एकादशी सभी 24 एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से वर्षभर की समस्त एकादशियों के व्रत के समान पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि यह व्रत पापों के नाश, सुख-समृद्धि तथा मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है।
परिक्रमा सेडूनगला, बाछरू महाराज, सीता रसोई, ममता देवी भवन, सिग्नल वाले महाराज, करुआ देव महाराज, भगीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर एवं चैतन्य महाप्रभु की बैठक सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से होकर पुनः वराह मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर शरद कुमार पाण्डेय, शिवानंद उपाध्याय, अशोक कुमार पाण्डेय, शशांक दीक्षित, हाकिम सिंह, राजकुमार गौड़, प्रवीण कुमार द्विवेदी, योगेश उपाध्याय, श्याम किशोर वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति ने पूरे शूकरक्षेत्र धाम को धर्ममय बना दिया।
Author: Soron Live 24

