अपरा एकादशी पर शूकर क्षेत्र सोरों जी धाम में निकली भव्य पंचकोशी परिक्रमा
देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी में स्नान कर भगवान वराह का किया पूजन

कासगंज!अपरा एकादशी के पावन अवसर पर भगवान वराह के परम पवित्र धाम शूकरक्षेत्र सोरों जी में बुधवार, 13 मई 2026 को प्रातः 7:00 बजे भगवान वराह मंदिर, हरि की पौड़ी श्री गंगा जी से श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति में पंचकोशी परिक्रमा का शुभारंभ हुआ। अपरा एकादशी के अवसर पर सम्पूर्ण शूकरक्षेत्र धाम श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर दिखाई दिया।
प्रातःकाल से ही दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी स्थित पवित्र गंगा में स्नान कर भगवान वराह का विधिवत पूजन-अर्चन किया तथा हरिनाम संकीर्तन एवं भजन-कीर्तन के साथ अत्यंत उत्साहपूर्वक पंचकोशी परिक्रमा में भाग लिया। परिक्रमा के दौरान सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
इस धार्मिक आयोजन में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों जैसे कानपुर, हाथरस, आगरा, एटा, मैनपुरी एवं बदायूँ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पुण्य लाभ अर्जित किया।
पंचकोशी परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने वराह गौशाला, चक्रतीर्थ, सूर्यकुण्ड, चन्द्रकुण्ड, जयादेवी भद्रकाली मंदिर, बटुक भैरव मंदिर, प्राचीन गृद्धवट, ग्राम देवी मंदिर, सीताराम मंदिर, तुलसीदास जन्मस्थान मंदिर, चौरासी घंटे वाली मैया एवं बाछरु महाराज सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन किए।
परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण एवं विश्राम की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई। सीता रसोई, ममता देवी भवन (प्रेम जी की बगीची), सिग्नल वाले महाराज सहित विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा सराहनीय सेवा कार्य किए गए।
परिक्रमा पूर्ण करने के उपरांत श्रद्धालु करुआ देव महाराज, भगीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर एवं चैतन्य महाप्रभु की बैठक होते हुए पुनः भगवान वराह मंदिर पहुंचे।
इस अवसर पर ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक श्री शरद कुमार पाण्डेय ने बताया कि अपरा एकादशी भगवान विष्णु के तृतीय अवतार भगवान वराह को समर्पित अत्यंत पुण्यदायी व्रत है। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु अपरा एकादशी के दिन शूकरक्षेत्र सोरों जी की पंचकोशी परिक्रमा कर हरि की पौड़ी श्री गंगा जी में स्नान करते हुए भगवान वराह नारायण का पूजन करते हैं, वे भगवान वराह के परम भक्त कहलाते हैं तथा उन्हें सौभाग्य, सुख-समृद्धि एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया कि अपरा एकादशी को ‘अचला एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु एवं भगवान वराह की पूजा-अर्चना करने से धन, वैभव, यश एवं कीर्ति में वृद्धि होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत गंगा स्नान एवं बड़े यज्ञों के समान पुण्य फल प्रदान करता है।
श्री पाण्डेय ने श्रद्धालुओं से अपरा एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करने, भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल एवं फल अर्पित करने तथा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”, “ॐ जय गंगे” एवं “ॐ जय वराह” मंत्रों का जाप करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने व्रत के दिन झूठ, निंदा, क्रोध एवं तामसिक भोजन से दूर रहने की अपील की।
मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के समस्त ज्ञात-अज्ञात पापों का नाश होता है तथा उसे मानसिक शांति, आध्यात्मिक शुद्धि एवं विष्णुलोक की प्राप्ति होती है। इस व्रत का फल दस हजार वर्षों की तपस्या के समान माना गया है।
इस अवसर पर शरद कुमार पाण्डेय, शिवानंद उपाध्याय, अशोक कुमार पाण्डेय, प्रवीण कुमार द्विवेदी, शशांक दीक्षित, हाकिम सिंह, विनोद दीक्षित, राजकुमार गौड़, योगेश उपाध्याय, सचिन गुप्ता, लाखन सिंह, ईश्वरी प्रसाद, गिरिजा शंकर पाठक, अभय भारद्वाज, प्रदीप उपाध्याय, जितेंद्र कुमार हल्दिया, राम दर्शन महेरे, नीरज तिवारी, दीपक बड़गैयाँ, मुन्नालाल बड़गैयाँ, अशोक धमनावत, विजय तिवारी, अवधेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Author: Soron Live 24

