स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : भूपेश शर्मा
बिना फिटनेस और पंजीकरण के दौड़ रहे स्कूली वाहन, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

कासगंज | कार्यालय संवाददाता
जनपद के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अखण्ड आर्यावर्त निर्माण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि जिले में बड़ी संख्या में निजी स्कूलों की बसें और वैन बिना वैध पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र और सुरक्षा मानकों के सड़कों पर दौड़ रही हैं। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति को पत्र भेजकर सात दिन के भीतर कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ मामले में जारी निर्देशों एवं उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। शासन के निर्देशों के बावजूद कई स्कूल वाहन परिवहन विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं।
संघ ने आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर कितने स्कूली वाहनों के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र मौजूद हैं। आरोप लगाया गया है कि कई डग्गामार वाहन व्यावसायिक पंजीकरण के बिना ही बच्चों को ढो रहे हैं। इन वाहनों में न स्पीड गवर्नर हैं, न पैनिक बटन और न ही सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था।
संघ ने मांग की है कि जिन विद्यालयों ने अब तक अपने वाहनों का पंजीकरण नहीं कराया है, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए। साथ ही पिछले तीन महीनों में अवैध रूप से संचालित स्कूली वाहनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी सार्वजनिक करने को कहा गया है।
भूपेश शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात कार्यदिवस के भीतर पुलिस, परिवहन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम बनाकर सघन अभियान नहीं चलाया गया और अवैध वाहनों को सीज नहीं किया गया, तो संगठन बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा।
“बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन की चुप्पी कहीं न कहीं मिलीभगत की ओर इशारा करती है। हम चुप नहीं बैठेंगे।”
— भूपेश शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखण्ड आर्यावर्त निर्माण संघ
Author: Soron Live 24

