सोरों में सहायिका भर्ती विज्ञापन में गड़बड़ी उजागर गलत वार्ड संख्या से आवेदक हुए भ्रमित, जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग

सोरों में सहायिका भर्ती विज्ञापन में गड़बड़ी उजागर

गलत वार्ड संख्या से आवेदक हुए भ्रमित, जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग

कासगंज/सोरों।बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग सोरों द्वारा जारी सहायिका भर्ती विज्ञापन में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। विज्ञापन में कई वार्डों के नाम और संख्या गलत दर्शा दिए जाने के कारण आवेदक महिलाओं में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

साल 2011 से लंबित सहायिका भर्ती का रास्ता 2025 में साफ हुआ है, लेकिन इतने लंबे इंतजार के बाद भी विभागीय लापरवाही के चलते हजारों महिलाएँ परेशान हैं। कई महिलाएँ आयु सीमा पार कर ओवरएज भी हो चुकी हैं।

गलत वार्ड दर्ज, आवेदन प्रक्रिया प्रभावित

सूत्रों के अनुसार 2011 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति वार्ड संख्या 14 में की गई थी। बाद में परिसीमन होने पर इस वार्ड का नाम बदलकर वार्ड 05 कटरा पश्चिम कर दिया गया। परंतु विभाग द्वारा निकाले गए ताजा विज्ञापन में इन कार्यकर्ताओं की सहायिका के लिए वार्ड संख्या 11 दर्शा दी गई, जिससे पोर्टल पर संबंधित रिक्तियाँ ही नहीं दिखाई दे रही हैं।

वहीं दूसरी ओर, वार्ड 05 की वैकेंसी वास्तव में वार्ड 02 की होनी चाहिए थी, परंतु विज्ञापन में इसे वार्ड 05 में दिखाकर आवेदकों को भ्रांत कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि—

वार्ड 05 के आवेदक आवेदन करेंगे तो उनका आवेदन निरस्त होगा,और वास्तविक वार्ड 02 की महिलाएँ आवेदन ही नहीं करेंगी क्योंकि विज्ञापन में उनका वार्ड दर्शाया ही नहीं गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा—जांच होगी
मामले की शिकायत जब जिला कार्यक्रम अधिकारी सुशीला देवी से की गई तो उन्होंने बताया कि
> “मामले में नोटिस जारी किया गया है। यदि विज्ञापन गलत पाया गया तो शासन को पत्र भेजकर संशोधित भर्ती प्रक्रिया जारी कराई जाएगी।”

निष्पक्षता की मांग तेज

लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहीं महिलाओं ने जिलाधिकारी कासगंज से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि गलत विज्ञापन के कारण कई पात्र महिलाएँ आवेदन से वंचित रह सकती हैं।

कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर दो–तीन कार्यकर्ता मौजूद होने के बावजूद सहायिका के रिक्त पदों पर केवल एक ही वैकेंसी निकालना भी सवाल खड़े कर रहा है।मांग करने वालों में अनीता, रवीना, सुनीता, सोनम, सुजाता, निर्मला, विमलेश, आरती सहित कई महिलाएँ शामिल हैं।मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और आवेदक उचित कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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