“शूकर क्षेत्र सोरों” नाम को सही लिखा जाए — प्रोफेसर योगेंद्र मिश्र की सरकार से मांग।

कासगंज यूपी।सोरों सूकर तीर्थ क्षेत्र में पर्यटन विभाग द्वारा लगाए गए बोर्डों में गलत नाम लिखा गया है, जिसके सुधार की मांग उठी है।
शूकर क्षेत्र सोरों के नाम को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। प्रोफेसर योगेंद्र मिश्र ने सरकार और पर्यटन विभाग से कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि तीर्थ का नाम “शूकर क्षेत्र सोरों” ही है, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी और गजट में मान्यता प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि पूरे भारत में हर रेलवे स्टेशन पर टिकट “शूकर क्षेत्र सोरों” नाम से मिलती है और हर डाकघर में इसी नाम से पिनकोड 207403 दर्ज है। ऐसे में पर्यटन विभाग द्वारा बोर्डों पर नाम गलत लिखा जाना गंभीर लापरवाही है।
प्रो. मिश्र ने कहा कि “यदि पर्यटन विभाग काशी को कासी, अयोध्या को अजुध्या या प्रयागराज को इलाहाबाद लिखे, तो वहां की जनता हंगामा खड़ा कर देगी। फिर शूकरक्षेत्र सोरों के लोग मौन क्यों हैं?”
उन्होंने बताया कि सोरों सूकर तीर्थ क्षेत्र में पर्यटन विभाग द्वारा लगाए गए बोर्डों में गलत नाम लिखा गया है, जिसके सुधार की उन्होंने औपचारिक मांग की है।
प्रोफेसर मिश्र ने कहा कि सरकार कोई एहसान नहीं कर रही, यह उसका कर्तव्य है कि तीर्थों के नाम सही और सम्मानपूर्वक लिखे जाएं। उन्होंने नगरपालिका, गंगा सभा, गंगा वराह सभा सहित सभी स्थानीय संस्थाओं से आग्रह किया कि शूकरक्षेत्र महोत्सव 2025 से पहले संबंधित बोर्डों और अभिलेखों में नाम सुधार कराने हेतु शासन को पत्र भेजें।
उन्होंने स्पष्ट कहा “यह कोई कट-पेस्ट मुद्दा नहीं, मेरे तीर्थ की अस्मिता का प्रश्न है। जब तक पर्यटन विभाग नाम सही नहीं करता, मैं लिखना बंद नहीं करूंगा।”
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Author: Soron Live 24

