अनिवार्य टीईटी के विरोध में शिक्षक संगठनों ने जनप्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन

कासगंज।उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद कासगंज एवं अटेवा के तत्वावधान में गुरुवार को शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपे जाने के विरोध में जनपद के शिक्षकों ने बड़ी संख्या में कन्या विद्यालय नबाव तरौरा पर उपस्थित होकर सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत एवं एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। शिक्षकों ने मांग रखी कि सेवा काल के पूर्व में जब आरटीई लागू किया गया था उस समय सन 2010 में पूर्व से कार्यरत शिक्षकों से स्पष्ट रूप से कहा गया था कि आपको टीईटी से छूट प्रदान की गई है। शिक्षक पूरी तरह आश्वस्त थे कि उनको आर टी ई के अनुपालन में टेट उत्तीर्ण नहीं करनी है। किंतु वर्तमान में लगभग 15 वर्ष की सेवा के उपरांत सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय द्वारा शिक्षकों को टेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिस वजह से शिक्षक अवसाद की स्थिति में हैं। यदि पूर्व में ही उनको अवगत कराया जाता कि आपको टेट करनी है तो इतने लंबे सेवाकाल में अब तक अधिकांश शिक्षक टेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके होते। दोनों जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित शिक्षक समुदाय को आश्वस्त किया कि आपकी समस्या उचित है और इसको अति शीघ्र प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री से मिलकर इसका समाधान निकालने का अनुरोध किया जाएगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुभनेश यादव महामंत्री मुनेश राजपूत वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष दिलीप यादव, जिला उपाध्यक्ष अंकित पुंढीर, गजेंद्र प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष अटेवा योगेश यादव, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिलाध्यक्ष अमित यादव ,राम नारायण सिंह, सुनील आर्य, सारिका माहेश्वरी, मुकेश बाबू, राधा प्यारी रावत, ललितेश कुलश्रेष्ठ, मंजू मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
Author: Soron Live 24

