राष्ट्रीय अमेरिकन फ़ुटबॉल चैम्पियनशिप 2025-26 में उत्तर प्रदेश की महिला टीम बनी चैंपियन, पुरुष टीम ने हासिल किया तीसरा स्थान

राष्ट्रीय अमेरिकन फ़ुटबॉल चैम्पियनशिप 2025-26 में उत्तर प्रदेश की महिला टीम बनी चैंपियन, पुरुष टीम ने हासिल किया तीसरा स्थान

 

के. ए. कॉलेज, कासगंज के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन

कासगंज। खेलों की दुनिया में कासगंज के लिए गौरव का क्षण तब आया जब तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित जिमखाना फ़ुटबॉल ग्राउंड में 30 और 31 अगस्त 2025 को आयोजित राष्ट्रीय अमेरिकन फ़ुटबॉल चैम्पियनशिप 2025-26 में उत्तर प्रदेश की महिला टीम ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया और पुरुष टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इस चैंपियनशिप में देशभर के करीब 20 राज्यों की टीमें मैदान में उतरीं और हर राज्य ने पूरी ताक़त से अपना प्रदर्शन किया। लेकिन उत्तर प्रदेश की महिला टीम ने अपने खेल कौशल, टीम भावना और अनुशासन के बल पर ऐसा रिकॉर्ड कायम किया जो अब तक की प्रतियोगिताओं में विरले ही देखने को मिलता है।

महिला टीम का सुनहरा सफर

उत्तर प्रदेश महिला अमेरिकन फ़ुटबॉल टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र को एकतरफ़ा खेल दिखाते हुए 26-0 से हराया। इसके बाद फाइनल में भी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन को दोहराया और प्रतिद्वंदी टीम को 20-0 से मात दी।
यह जीत केवल जीत नहीं थी बल्कि एक रिकॉर्ड थी, क्योंकि पूरी प्रतियोगिता के दौरान किसी भी टीम ने उत्तर प्रदेश महिला टीम के खिलाफ एक भी अंक नहीं बनाया। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा और फिटनेस का प्रमाण है बल्कि उनकी एकजुटता और समर्पण को भी दर्शाती है।

टीम की कप्तान मीनू धनगर ने अपनी नेतृत्व क्षमता से पूरे खेल में खिलाड़ियों का मनोबल ऊँचा बनाए रखा। ज्योति यादव, करिश्मा कुमारी, सुधा, राखी, छाया, सोनी, माला, सृष्टि पुंडीर, अन्नू, राधा और अर्चना शर्मा जैसी खिलाड़ियों ने अपने-अपने पोजीशन पर दमदार प्रदर्शन कर महिला टीम को विजेता बनाया।

पुरुष टीम का जज़्बा और वापसी

पुरुष वर्ग में उत्तर प्रदेश की टीम का सफर भी उतना ही प्रेरणादायी रहा। सेमीफाइनल में टीम को कर्नाटक के हाथों 21-12 से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन हार के बाद खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी। तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में टीम ने केरल के खिलाफ आक्रामक शुरुआत की और अंत तक दबदबा बनाए रखते हुए 32-6 से जीत दर्ज कर कांस्य पदक पर कब्जा कर लिया।

पुरुष टीम के कप्तान मुनेन्द्र रोनी ने शानदार नेतृत्व दिखाया। उनके साथ मोहितांश, सनी यादव, अनुराग, सुभाष, सौरभ, हेमंत यादव, अमन यादव, अमित पुंडीर, मोहित, दिव्यांशु और अन्य खिलाड़ियों ने बेहतरीन समन्वय का परिचय दिया।

नेतृत्व और रणनीति का कमाल

इस सफलता में प्रशिक्षक प्रक्ष सिंह जादौन और टीम मैनेजर सुनील गौतम पहलवान की कड़ी मेहनत और रणनीति की अहम भूमिका रही। दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों को तकनीकी तैयारी, फिटनेस और मानसिक दृढ़ता के साथ मैदान में उतारने में उनका योगदान सराहनीय रहा।

संघ के पदाधिकारियों की प्रतिक्रियाएँ

उत्तर प्रदेश अमेरिकन फ़ुटबॉल संघ के अध्यक्ष श्री रजत दीक्षित ने कहा,
“यह जीत केवल उत्तर प्रदेश की ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। हमारे खिलाड़ी जिस अनुशासन और लगन से खेलते हैं, वह भविष्य में और भी बड़ी सफलताओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

संघ के सचिव डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा,
“यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब किसी जिले और कॉलेज के खिलाड़ी लगन और परिश्रम के साथ मैदान में उतरते हैं तो वे पूरे प्रदेश का मान बढ़ा सकते हैं। कासगंज के खिलाड़ियों ने यह कर दिखाया है।”

इसके अलावा कासगंज जिला अमेरिकन फ़ुटबॉल संघ के अध्यक्ष यश राजपूत (राजा भैया), एस.बी.डी. पब्लिक स्कूल, रामपुर मोहनपुरा तथा प्राचार्य विनोद गुप्ता ने भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कासगंज का गौरव

गौरतलब है कि महिला और पुरुष दोनों ही टीमों में अधिकांश खिलाड़ी के. ए. (पी. जी.) कॉलेज, कासगंज से हैं। खिलाड़ियों की यह सफलता न केवल कॉलेज के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। महाविद्यालय कार्यकारिणी समिति के सचिव विनय जैन, प्राचार्य प्रोफेसर अशोक रूस्तगी के साथ साथ सभी
शिक्षक वर्ग एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भी खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की है।

राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की यह जीत आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। महिला टीम का स्वर्णिम प्रदर्शन और पुरुष टीम का जज़्बा यह संदेश देता है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
कासगंज के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और कॉलेजों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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