एकादशी पर आध्यात्मिक उल्लास: हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी की पंचकोशी परिक्रमा

एकादशी पर आध्यात्मिक उल्लास: हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी की पंचकोशी परिक्रमा

 

सोरों, कासगंज – पावन एकादशी के अवसर पर तीर्थनगरी शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी में आध्यात्मिक आस्था और भक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिला। मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को प्रातः 8 बजे शूकर क्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक एवं ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे के नेतृत्व में भव्य पंचकोशी परिक्रमा का शुभारंभ हुआ।

श्रद्धालुओं ने हर की पौड़ी पर गंगा स्नान कर भगवान श्री वराह का पूजन अर्चन कर परिक्रमा यात्रा का आरंभ किया। परिक्रमा मार्ग में सूर्यकुंड, दूधेश्वर महादेव, साध्वी रत्नावली समाधि स्थल, बटुक भैरव मंदिर, जयदेवी पीठ, सीताराम मंदिर, तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर, 84 घंटे वाली मां, शेडू नगरा, बाक्षरू महाराज, सीता रसोई, ममता देवी भवन, प्रेम जी की बगीची, सिंगल वाले महाराज, करुआ देव महाराज, बनखंडेश्वर महादेव, भागीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, चैतन्य महाप्रभु बैठक होते हुए काला गोरा भैरव मंदिर तक पहुंची। अंततः पंचकोशीय परिक्रमा का समापन भगवान श्री वराह मंदिर पर हुआ।

पूरे मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान, फलाहार व प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी, जिसमें रामदर्शन महेरे, नीरज तिवारी, पूरन श्रीवास्तव, मुस्कान, दीपक भारद्वाज, सुनील तिवारी, निखिल तिवारी, योगेंद्र निर्भय, अशोक धमनावत, अवधेश दीक्षित, चेतराम नेक्सू प्रधान, सोमदत्त पाठक सहित कई सेवाभावी लोग सक्रिय रहे।

शरद कुमार पांडे ने कहा कि —

“यह परिक्रमा प्रत्येक एकादशी को श्रद्धालुओं द्वारा भगवान विष्णु और वराह भगवान की कृपा व मोक्ष की प्राप्ति हेतु की जाती है। गंगा स्नान, पूजन-अर्चन और नियमपूर्वक व्रत-उपवास इस दिन विशेष फलदायक होते हैं।”

उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। विशेष रूप से पुत्रदा एकादशी उन दंपतियों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है जिन्हें संतान प्राप्ति में बाधा है।

परिक्रमा में आगरा, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, एटा, हाथरस, फरीदाबाद आदि जनपदों से आए हज़ारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और ॐ जय गंगे, ॐ जय वराह के संकीर्तन के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

मुख्य प्रतिभागियों में शिवानंद उपाध्याय, शशांक दीक्षित, अशोक कुमार पांडे, अजय पाल सिंह, दिनेश चंद्र गुप्ता, गोविंद गोपाल तिवारी, मुकेश रावत, कामता प्रसाद, भावना, अंजू, गिरिजा शंकर पाठक, लकी मिश्रा, तेजपाल, नीलम, विद्या देवी समेत कई धर्मप्रेमियों ने अपनी सहभागिता निभाई।

धर्म विशेषज्ञों के अनुसार, सोरों शूकरक्षेत्र को सृष्टि का उद्गम स्थल माना जाता है। कासगंज जनपद से 16 किमी दूर स्थित यह तीर्थधाम बस व रेल मार्ग दोनों से सुगम है और देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन और पुण्य लाभ के लिए आते हैं।

यह पंचकोशी परिक्रमा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का संगम भी है – जो हर एकादशी को सोरों तीर्थ में जीवंत होता है।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *