सोरों शूकर क्षेत्र में नाग पंचमी पर होगी कालसर्प योग की विशेष पूजा
29 जुलाई को मनाया जाएगा नाग पंचमी का पर्व, कुंडली में कालसर्प योग वालों के लिए महत्वपूर्ण दिन

कासगंज ब्यूरो | सोरों
तीर्थ नगरी सोरों शूकरक्षेत्र में इस वर्ष नाग पंचमी का पर्व 29 जुलाई को श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर कालसर्प योग से पीड़ित लोगों के लिए विशेष पूजा का आयोजन होगा।
ज्योतिषाचार्य वीरेंद्र वल्लभ व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन व्यक्तियों की कुंडली में कालसर्प योग होता है, उन्हें इस दिन विशेष पूजन कर दोष निवारण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रावण मास की नाग पंचमी इस बार विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह दिन कालसर्प योग की शांति के लिए अति शुभ माना गया है।
ज्योतिषाचार्य वीरेंद्र व्यास ने बताया हर वर्ष नाग पंचमी के अवसर पर तीर्थ नगरी में कालसर्प योग की विशेष पूजा का आयोजन विधि-विधान से करवाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि किसी की कुंडली में यह दोष है, तो वह नाग पंचमी के दिन पूजन करवाकर इससे मुक्ति पा सकते हैं।
*काल सर्प योग दोष निवारण क्यों जरूरी है*
पंडित वीरेन्द्र वल्लभ व्यास (गुरु जी) ने कालसर्प दोष निवारण की पूजा पूर्ण विधि-विधान से करानी चाहिए। गुरु जी ने कालसर्प दोष के बारे में बताया कि कालसर्प दोष पूजा तब की जाती है जब जन्म कुंडली में राहु और केतु के अंतर्गत सभी ग्रह आ जाते हैं तब यह दोष उत्पन्न होता है। वैसे तो 12 प्रकार के होते हैं जैसे उनके नाम हैं- अनंत, कुलिक, वासुकी, शंखपाद, पद्म, महापद्म, तक्षक, करकोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, शेषनाग।
जिस कुंडली के भाव में होता है उसे उसी भाव संबंधित समस्याएं होती हैं। राहु मुख्य और केतु पूंछ है, इसमें जिस प्रकार की परेशानियां आती हैं जैसे विवाह में, व्यापार, संतान प्राप्ति, नौकरी आदि में समस्याएं आती हैं।
नाग पंचमी पर तीर्थ नगरी में इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। नगर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा व व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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Author: Soron Live 24

