

कासगंज में 21 जून को बस चालक द्वारा कवरेज के दौरान पत्रकार पर बस चढ़ाई पत्रकार घायल हुए आज मंगलबार को तीन दिन बीत जाने के बाद भी कासगंज पुलिस ने चालक के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज नहीं किया है।इस घटना से कासगंज जनपद पत्रकारों एवं ऑल इंडिया रिपोर्टर्स एसोसिएशन आईरा में आक्रोश है। वहीं राजनीतिक और सामाजिक संगठन की लोगों ने भी इस घटना की कड़ी निदा की है कार्यवाही की मांग उठाई है समाजवादी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने कासगंज पुलिस को ट्वीट कर कार्यवाही की मांग की है।
अब्दुल हफीज गांधी ने कहा कि मैं पत्रकार आयुष भारद्वाज पर हुए कातिलाना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। यह घटना न केवल निंदनीय है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ – स्वतंत्र पत्रकारिता – पर एक सीधा हमला है।
सबसे ज्यादा दुःखद यह है कि इतनी गंभीर वारदात के बावजूद पुलिस प्रशासन ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है, जो कि अत्यंत लापरवाही और असंवेदनशीलता को दर्शाता है। पत्रकारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन दोनों की होती है, और इस प्रकार का ढुलमुल रवैया लोकतंत्र के लिए घातक है।
मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैं कासगंज के सभी पत्रकार साथियों के साथ मजबूती से खड़ा हूं। मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सच्ची पत्रकारिता और जनहित की आवाज के साथ हूं।
मैं पुलिस प्रशासन से मांग करता हूं कि तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज की जाए, दोषी बस ड्राइवर को गिरफ्तार किया जाए, और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाएं।
*”पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है।”*
Author: Soron Live 24

