सोरोंजी में कामदा एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोशी परिक्रमा

भगवान वाराह मंदिर आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी की कामदा एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोशी परिक्रमा

 

शूकर क्षेत्र धाम, सोरों जी पंचकोशीय परिक्रमा कामदा एकादशी को भगवान वाराह मंदिर से हर की पौड़ी गंगा जी में स्नान कर भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के उपरांत शूकर क्षेत्र पंचकोशीय परिक्रमा प्रारंभ हुई तथा कामदा एकादशी के अवसर पर आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी में आयोजित परिक्रमा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थलों पर पूजा-अर्चना की और प्रसादी वितरित की। इस परिक्रमा में महिलाओं और पुरुषों ने समान रूप से भाग लिया और अपनी श्रद्धा और भक्ति का प्रदर्शन कर भगवान वाराह मां गंगा का आशीर्वाद लिया। शूकर क्षेत्र समाज सेवा ट्रस्ट संयोजक एवं ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक / अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने बताया – शूकर क्षेत्र धाम, सोरों जी की पंचकोशीय परिक्रमा प्रत्येक एकादशी को भगवान वराह मंदिर से प्रारंभ होती है होकर श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए सूर्यकुंड, दूधेश्वर, साध्वी रत्नावली समाधि स्थल होते हुए बटुक भैरव मंदिर जयदेवी पीठ होते हुए ग्राम देवी मंदिर गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए 84 घंटे वाली मां पर प्रस्थान किया उसके बाद शेडू नगरा होते हुए बाक्षरू महाराज से परिक्रमा का अगला पड़ाव सीता रसोई पर रहा सीता जी की रसोई पर ओमप्रकाश मौर्य नीरज तिवारी पूरन श्रीवास्तव मुस्कान एवं उनके साथियों ने खीर का भोग लगाकर खीर की प्रसादी श्रद्धालुओं को वितरित की सीता जी की रसोई से होते हुए भक्तों द्वारा ममता देवी भवन प्रेम जी की बगीची पर श्री गंगा वराह महासभा अध्यक्ष सुनील तिवारी मुकेश भाग योगेंद्र निर्भय बाबू एवं श्रद्धालुओं द्वारा जलपान की व्यवस्था कराई गई वहां से सिंगल वाले महाराज पर विश्राम रहा महाराज पर गिरीश पाठक कललू रोंगटा एवं श्रद्धालुओं द्वारा फलाहार की व्यवस्था सभी परिक्रमतियों को कराई गई उसके बाद करूआदेव महाराज होते हुए बनखंडेश्वर महादेव पर वहां से कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा होते हुए चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक के बाद अगला पढ़ाव काला गोरा भैरव बाबा मंदिर के बाद पंचकोशीय परिक्रमा भगवान वराह मंदिर पर पूर्ण हुई पंचकोशीय परिक्रमा समिति के सदस्यों ने बताया परिक्रमा में हजारों श्रद्धालु श्रद्धा भाव रखते हुए हर कीर्तन करने के साथ-साथ श्रद्धाल झूमते हुए नजर आ रहे थे श्रद्धा के रूप में साक्षात परमेश्वर के दर्शन हो रहे थे पंचकोशीय परिक्रमा में मुख्य रूप से पंचकोशीय परिक्रमा में फर्रुखाबाद एट कायमगंज बदायूं ग्राम डोरई तकुआवर नगला खांजी पटकियां सलेमपुर बीबी दरवापुर कासगंज एटा बदायूं उगहती जिला होडलपुर प्रहलादपुर सहित अनेक माताएं बहनों ने पंचकोसी परिक्रमा में प्रतिभाग किया संयोजक शरद कुमार पांडे ने काम का एकादशी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा – कामदा एकादशी का व्रत बहुत शुभ माना जाता है। यह व्रत करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और श्री हरि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसी मान्यता है कि जो साधक इस पवित्र दिन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और सच्ची भक्ती से उपवास रखते हैं उन्हें जीवन में कभी परेशान नहीं होना पड़ता है। साथ ही जीवन में सुख- समृद्धि का वास बना रहता है। एवं एकादशी तिथि पर भगवान वाराह मां लक्ष्मी की उपासना करनी चाहिए। मां लक्ष्मी की उपासना करने से व्यक्ति को धन, ऐश्वर्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं जो दंपत्ति संतान चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत शुभ होता है।
पंचकोशीय परिक्रमा में मुख्य रूप से शरद कुमार पांडे, प्रवीण कुमार द्विवेदी एटा, सुरेंद्र महेरे, शशांक दीक्षित, गीतम सिंह, विनोद दीक्षित, श्रीपाल, लाखन सिंह, रामदयाल वर्मा ,श्याम किशोर वर्मा, गोविंद गोपाल तिवारी, गिरजा शंकर पाठक, नंदन, वीरेंद्र सिंह, उपेंद्र उपाध्याय, बदन सिंह ,तेजपाल, प्रदीप उपाध्याय, इतवारी लाल, योगेश उपाध्याय, राधाकृष्ण विजय, मोनी बाबा शाहिद हजारों माता बहने श्रद्धालु जन उपस्थित रहे

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *