शासकीय धन का दुरुपयोग करने पर डीएम ने प्रभारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को निलम्बित करने हेतु शासन को लिखा पत्र। स्वैच्छिक संस्था सृष्टि फाउण्डेशन आजीवन ब्लैक लिस्टेड प्रबन्धक के खिलाफ एफआईआर दर्ज।

कासगंज: जिलाधिकारी मेधा रुपम ने शासकीय धन का दुरुपयोग तथा वित्तीय अनियमिततायें किये जाने पर जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी/तत्कालीन प्रभारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कासगंज राकेश कुमार को निलम्बित कर विभागीय कार्यवाही किये जाने हेतु शासन को प्रबल संस्तुति पत्र प्रेषित किया है। साथ ही स्वैच्छिक संस्था सृष्टि फाउण्डेशन कासगंज को आजीवन ब्लैक लिस्टेड करते हुये संस्था के प्रबन्धक सचिन नेमसिंह के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करा दी गई है। वर्तमान में नेम सिह जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय कासगंज में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं, जो सरकारी कर्मचारी आवरण नियमावली का भी उल्लंघन है। इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी की जा रही है।
शासन द्वारा मानसिक रूप से रुग्ण निराश्रित दिव्यांगजन हेतु आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केन्द्र के संचालन की योजना के अंतर्गत स्वैच्छिक संस्था सृष्टि फाउण्डेशन मौहल्ला जय जय राम गली तकिया कासगंज द्वारा कार्य किये जाने के लिये अनुदान हेतु प्रस्ताव विभाग के माध्यम से शासन को भेजने हेतु जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उक्त आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केन्द्र की उप जिलाधिकारी (न्यायिक) से जांच कराये जाने पर संस्था में 25 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष मात्र 16 बच्चे तथा 11 कर्मचारियों के सापेक्ष मात्र 8 कर्मचारी मौके पर मिले। अभिलेखों की प्रविष्टियां भी संदिग्ध पाई गई। केन्द्र पर कोई भी दवाई भी उपलब्ध नहीं थी और केन्द्र परिसर में काफी गंदगी मिली जांच आख्या में काफी कमियां एवं शिकायते मिलने पर जिलाधिकारी द्वारा प्रभारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राकेश कुमार को उक्त संस्था का प्रस्ताव शासन को प्रेषित न किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था। इसके अतिरिक्त भी केन्द्र की कई बार जांच कराने पर तमाम कमियां और अनियमिततायें उजागर हुई।
जिलाधिकारी मेधा रूपम द्वारा स्पष्ट रूप से मना करने के वावजूद प्रभारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राकेश कुमार द्वारा सीधे प्रस्ताव अपने स्तर से निदेशालय को प्रेषित कर दिया गया। इनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण भी गलत तथ्यों पर आधारित है।
जिलाधिकारी की बिना सहमति तथा मनगढ़ंत तथ्यों पर निदेशालय को गुमराह करते हुये भेजे गये प्रस्ताव से उक्त संस्था को 6० प्रतिशत धनराशि 1342548 रु. अवमुक्त हो गई है। जो कि पद का दुरुपयोग व अत्यंत निदंनिय कार्य है तथा कूटरचित ढंग से किया गया कार्य आई.पी.सी. की धारा के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है जिसके लिये पृथक से कार्यवाही की जा रही है। शासकीय धन का दुरुपयोग व वित्तीय शासकीय अनियमितताओं के लिये श्री राकेश कुमार के विरुद्ध निलम्बन तथा विभागीय कार्यवाही करने की संस्तुति कर दी गई है। सृष्टि फाउंडेशन को तथ्यों को छिपाकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर आजीवन ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। साथ ही किये गये गलत कार्याें के लिये कठोर कार्यवाही की संस्तुति शासन को भेज दी गई है।
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Author: Soron Live 24

