द्वितीय महास्नान पर्व…… हर-हर गंगे के जयघोष से गूंजे गंगाघाट
मार्गशीर्ष मास के अंतिम दिन पूर्णिमा को लाखों श्रद्धालुओं ने किया स्नान
सोरों में लग रहे ऐतिहासिक मेला मार्गशीर्ष का भी उठाया लुत्फ

सोरों/कासगंज। सूकर क्षेत्र सोरों में मार्गशीर्ष माह के अंतिम दिन और दूसरे महा स्नान पर्व पूर्णिमा पर भी लाखों श्रद्धालुओं ने एक साथ स्नान किया। कछला और लहरा घाट की अपेक्षा हरि की पैड़ी पर श्रद्धालुओं की खासी संख्या दिखाई दी। स्नान आदि से निवृत्त होकर श्रद्धालुओं ने गंगा घाट के किनारे स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना की। स्नान के बाद तीर्थ नगरी में लगने वाले ऐतिहासिक मेले का भी श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया।
आपको बतादे तीर्थनगरी सोरों भगवान वराह की स्थली है और सोरों में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मेला मार्गशीर्ष का आयोजन चल रहा है। मेले में माघमास की पूर्णिमा के मौके पर यूपी राजस्थान मध्यप्रदेश से हजारों की संख्या में श्राद्वालुगण पहुंचते है और हरपदी गंगा में स्नान कर पूजा अर्चना करते है। इसी के चलते मार्गशीर्ष माह के दूसरे महा स्नान पर्व पर स्नान कर पुण्य कमाने के लिए श्रद्धालुओं के गंगा घाटों पर पहंुचने का सिलसिला बीते दिवस शनिवार की दोपहर बाद से ही शुरू हो गया था। सांय होने तक सभी धर्मशालाएं फुल हो चुकी थीं। जब धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं को जगह नहीं मिली तो उन्होंने खुले आसमान के नीचे ही अपना बिस्तर लगा लिया और सुबह होते ही पहले डुबकी लगाने को गंगा घाट पर पहंुच गए। रविवार को सुबह से ही गंगा घाटों पर हर-हर गंगे के जयघोष सुनाई देने लगे, श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। गलनभरी ठंड के बाद भी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ दिखाई दी। लहरा और कछला गंगा घाट पर भी स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में थी। तीर्थ नगरी सोरों में लगने वाले ऐतिहासिक मेला मार्गशीर्ष का भी श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया। काफी स्नानार्थियों ने झूले सर्कस एवं अन्य कार्यक्रमों को देखकर ही रात गुजारी। मान्यता है की माघमास की पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने से सारे पाप नष्ट हो जाते है। तीर्थ नगरी सोरों चाल स्थित हरिपदी गंगा में विसर्जन की गई अस्थिया 72 घंटे में गल जाती है। इसलिए यहाँ उत्तरप्रदेश के अलाबा अन्य प्रदेशों से श्रद्धालू आकर अपने अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन भी करते है।
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वाहनों की छतों पर किया स्नानार्थियों ने सफर
कासगंज। मार्गशीर्ष माह के अंतिम दिन और दूसरे महा स्नान पूर्णिमा पर्व पर रोड पर भीड का दवाव होने के चलते स्नानार्थियों को प्राईवेट बसोें एवं डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ा, इसके अलावा प्राईवेट बसों व डग्गेमार वाहनों की छत पर बैठकर स्नानार्थियों ने जोखिम भरी यात्रा कर स्नान किया। मोटर वाहनों में अधिक पैसा खर्च करने के बाबजूद स्नानार्थियों को गंगा मैया का आशीर्वाद लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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गंगा स्नान को देखते हुए रूट किया गया डार्वट
कासगंज। महा स्नान पर्व पूर्णिमा की तैयारी को देखते हुए पुलिस प्रशासन से पहले से अलर्ट था। जिसको देखते हुए वडे बाहनों का पहले से ही रूट डार्वट कर दिया गया था। वहीं कछला घाट पर सीओ आंचल चैहान खुद मौजूद रहे। हालांकि शनिवार की सांय से ही मथुरा-बरेली हाइवे पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। रविवार की सुबह से दोपहर बाद तक वाहनों की अधिक संख्या की वजह से सोरों में कुछ देर के लिये बाहनों की रफ्तार धीमी पड गई, लेकिन यातायात पुलिस व पुलिस ने पुनः बाहनों की रफ्तार का सामान्य कर दिया। जिससे गंगा स्नानार्थियों को गंतव्य तक पहंुचने में देरी हुई।
Author: Soron Live 24

