शूकरक्षेत्र सोरोंजी की उत्पन्ना एकादशी पर पंचकोशी परिक्रमा में हजारों श्रद्धालुओं लिया भाग।

शूकर क्षेत्र धाम, मंगलवार को सोरों जी पंचकोशीय परिक्रमा हर की पौड़ी श्री गंगा जी में श्रद्धालुओं द्वारा स्नान करने के उपरांत भगवान वराह मंदिर से भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के बाद उन्होंने उत्पन्ना एकादशी के पावन अवसर पर प्रातः 8:00 बजे शूकर क्षेत्र समाज सेवा ट्रस्ट आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी संयोजक, संस्थापक अध्यक्ष ब्राह्मण कल्याण सभा शरद कुमार पांडे के नेतृत्व में प्रारंभ हुई परिक्रमा प्रारंभ होकर श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए योगतीर्थ योगेश्वर महादेव मंदिर पर सभासद रवि दुबे द्वारा सभी श्रद्धालुओं को जलपान कराया गया, वहां से परिक्रमा सूर्यकुंड, दूधेश्वर, साध्वी रत्नावली समाधि स्थल होते हुए बटुक भैरव मंदिर जयदेवी पीठ होते हुए ग्राम देवी मंदिर गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए 84 घंटे वाली मां पर प्रस्थान किया उसके बाद शेडू नगरा होते हुए बाक्षरू महाराज से सीता जी की रसोई पर राम गोविंद महेरे, रामदर्शन महेरे, नीरज तिवारी, आकाश महेरे, पूरन श्रीवास्तव सहित उनके साथियों ने खीर का भोग लगाकर प्रसादी बाटी वहां से होते हुए भक्तों द्वारा ममता देवी भवन प्रेम जी की बगीची पर सुनील तिवारी दीपक बढ़गया, मुन्नालाल , निखिल दीक्षित एवं श्रद्धालुओं द्वारा जलपान की व्यवस्था कराई गई | वहां से सिंगल वाले महाराज पर विश्राम रहा महाराज पर अशोक धमनावत, अवधेश सरल रुचि विजय तिवारी गिरीश पाठक अमरदीप एवं श्रद्धालुओं द्वारा फलाहार की व्यवस्था सभी श्रद्धालुओं को कराई गई उसके बाद करुआ देव महाराज होते हुए बनखंडेश्वर महादेव पर नेक्सू प्रधान, सोमदत्त पाठक, राधेमोहन झा द्वारा प्रसादी वितरण किया गया वहां से परिक्रमा कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा होते हुए चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक के बाद अगला पढ़ाव काला गोरा भैरव बाबा मंदिर के बाद पंचकोशीय परिक्रमा भगवान वराह मंदिर पर पूर्ण हुई |शूकर क्षेत्र समाज सेवा ट्रस्ट संयोजक एवं ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने कहा – पंचकोशीय परिक्रमा में श्रद्धालु ॐ जय गंगे, ॐ जय वराह का जाप कर झूम रहे थे यह परिक्रमा प्रत्येक एकादशी को आयोजित की जाती है, जिसमें श्रद्धालु भगवान विष्णु भगवान वाराह की कृपा और मोक्ष प्राप्ति के लिए पवित्र हर की पौड़ी श्री गंगा जी मैं स्नान कर भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के उपरांत श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए सोरों शूकर क्षेत्र की पंचकोशीय परिक्रमा करते हैं भगवान वराह का पूजन सेवायत आचार्य नरेश त्रिगुणायत द्वारा संपन्न कराया
संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने बताया – सनातन धर्म में एकादशी बेहद पुण्यदायी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों में इस दिन व्रत, स्नान दान और उपवास का विशेष महत्व माना गया है। यह शुभ दिन भगवान विष्णु की उपासना और भक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। हर एकादशी का अपना अलग महत्व और फल होता है। शरद कुमार पांडे ने शूकर क्षेत्र सोरों जी पंचकोशीय परिक्रमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा – जो मनुष्य शूकर क्षेत्र सोरों जी पंचकोशीय परिक्रमा करते हैं और यहां की भूमि पर भजन तपस्या भगवान वराह का पूजन करते हैं उन सभी को भगवान द्वारा की असीम कृपा प्राप्त होती है और साठ हजार वर्ष योगाभ्यास से जो फल प्राप्त होता है, वही फल मनुष्य को पवित्र होकर यथाविधि सूकरक्षेत्र में स्नान तथा श्रीहरि (वाराहदेव) के पूजन से प्राप्त हो जाता है और उसके पूर्व सात जन्मों में किये गये पाप तत्क्षण नष्ट हो जाते हैं। यह तीर्थराज महापुण्यशाली है। अन्य तीर्थ भी इसी तीर्थ की सेवा करते हैं। कामना वाले व्यक्ति भी कर्माचरण करके इस तीर्थ में अभीष्ट फल की प्राप्ति करते हैं।
पांडे ने बताया – जो फल न यज्ञ से, न तप से, न ध्यान करने से, और न संयमादि योग से सुलभ हो पाता है, वह केवल विश्रांति तीर्थ (विश्राम तीर्थ सोरों जी) में स्नान करने से उपलब्ध हो जाता है यह भी कहा जाता है कि इस व्रत को करने से और आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी की पंचकोशीय परिक्रमा करने से सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है। तथा विष्णु अवतार भगवान वराह के आशीर्वाद से जातक को पापों से छुटकारा मिलता है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसके अलावा जीवन में आने वाली सभी तरह की बाधाएं भी दूर होती हैं। जातक को जीवन में कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता और सदैव तिजाोरी भरी रहती है।
परिक्रमा में मुख्य रूप से संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे, शशांक दीक्षित, अशोक कुमार पांडे, विनोद दीक्षित, योगेश उपाध्याय, पवन वशिष्ठ गीतम सिंह, वीरेंद्र, राजपाल, बदन सिंह, गिरजा शंकर पाठक, शैलेश यादव, रामनंदन, राधा कृष्ण विजय, भगवती देवी, कीर्ति पांडे, उपेंद्र उपाध्याय, धर्मेंद्र पाठक, राजीव कुमार राजोरिया जसराना, रामकुमार उपाध्याय, प्रदीप उपाध्याय, पवन दुबे, राजकुमार गॉड, सनी कुमार कश्यप, गोपाल दीक्षित, संजय कुमार मोनी बाबा, मोहित पाठक, सोहित पाठक, मनीष चंद्र उपाध्याय, खूब सिंह राजपूत, भगवान दास, वीरेंद्र राजपूत, प्रमोद तिवारी, ऋषभ, अर्जुन लाल गुप्ता, गोविंद गोपाल तिवारी, राधा कृष्ण विजय, आशीष भारद्वाज, राम प्रकाश, प्रेमवती, हरिओम पचौरी, सौरभ उपाध्याय, गौरव उपाध्याय,मुन्नालाल, स्वामी चरण, राजू, श्रवण कुमार, काजल, ईश्वरी प्रसाद, किशनलाल, भोजराज, लखन सिंह, श्याम किशोर वर्मा, रामदयाल, गंगा विष्णु माफीदार, जयप्रकाश त्रिवेदी, तेजपाल, नवीन, गुंजन, पुष्पा, राम बेटी, कल्पना, गायत्री, ज्योति, पूजा, प्रतिज्ञा, नेहा, गणेश जी, निर्मला देवी, पुष्पा देवी, अखिलेश उपाध्याय, तनु उपाध्याय, रामादेवी उपाध्याय, मोनिका, कल्पना, वासुदेव, मुकेश, साधना, रूबी, गगन, पूनम, पूजा, काजल, लाडली, लटूरी, दुष्यंत, दुर्गेश, नेम सिंह, प्रेमवती, नीलम सिंह, डालचंद, बादशाह, नवीन, निशा, राधा, वैष्णव, गंगा देवी, अर्जुन कुमार, आकाश, अमित शर्मा, सचिन, नीरज तिवारी, मुस्कान, रामवीर सिंह, रामनिवास, शिवम भारद्वाज, अर्जुन लाल गुप्ता, रीता देवी, प्रभादेवी, उषा चौधरी, नीरज पचौरी, सर्वेश उपाध्याय, चंद्रावती, उमा देवी, देव कुमारी, अनुज, सुमन देवी, राजवर्धन दुबे, करुण लता, राधा देवी कासगंज सहित श्रद्धालु उझानी बदायूं मुंबई बरेली अमला भीटोना हुमायूंपुर नगला बड़ी आगरा जसराना फिरोजाबाद से बड़ी संख्या में हजारों हजार श्रद्धालु अलग-अलग टोलीयौ के साथ परिक्रमा में झूमते हुए नजर आ रहे थे।।
Author: Soron Live 24

