देव दीपावली:ब्राह्मण कल्याण सभा ने वराह मंदिर प्रांगण में भव्य दीपोत्सव मनाया

कासगंज:देव दीपावली ब्राह्मण कल्याण सभा द्वारा तीर्थ नगरी सोरों शूकर क्षेत्र भगवान वराह मंदिर प्रांगण में भव्य दीपोत्सव मनाया गया।।

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दीपोत्सव से एक बहुत ही पवित्र और आनंद की अनुभूति हुई। देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, जो देवताओं की दीपावली होती है। यह दिन भगवान शिव, भगवान विष्णु भगवान वाराह व अन्य देवताओं की पूजा का अवसर है। दीपोत्सव प्रकाश की जीत का प्रतीक है, जो अंधकार पर विजय प्राप्त करता है। यह कार्यक्रम समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देता है। ब्राह्मण कल्याण सभा द्वारा देव दीपावली के अवसर पर भव्य दीपोत्सव मना कर समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।
देव दीपावली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने बताया – देव दिवाली मुख्य दिवाली के 15 दिन बाद यानी कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है।
कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था। इस कारण से कार्तिक पूर्णिमा पर देवताओं ने खुश होकर दिवाली मनाई थी। तभी से कार्तिक पूर्णिमा को ‘देव दिवाली’ कहा जाने लगा क्योंकि सभी देवता पृथ्वी पर आकर दिवाली मनाने आए थे। कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली के रूप में मनाते हैं।हर साल देव दीपावली के दिन लोग आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी श्री गंगा जी हर की पौड़ी पर दीपक जलाते हैं और अपने घरों में भी पूजा आराधना करते हैं। माना जाता है कि, इस दिन भगवान शिव पृथ्वी पर आते हैं देवता दीपक जलाकर उनका स्वागत करते हैं। देव दीपावली के दिन 11, 21, 51 और 108 की संख्‍या में दीपक जलाने का खास महत्‍व है। देव दीपावली के दिन दीपदान करने से आपको भगवान विष्‍णु के साथ ही मां लक्ष्‍मी की भी कृपा प्राप्‍त होती है। अकाल मृत्‍यु का भय दूर होता है।दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए- मंत्र- शुभम करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्, शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते।। इस मंत्र का सरल अर्थ यह है कि शुभ और कल्याण करने वाली, आरोग्य और धन संपदा देने वाली, शत्रु बुद्धि का विनाश करने वाली दीपक की ज्योति को नमस्कार है। दीपक जलाने के बाद बची हुई बाती को लगातार 10 दिनों तक इकट्ठा करें। इस दौरान ध्यान रखें कि जली हुई बाती को हमेशा पवित्र स्थान पर ही रखना चाहिए, इसलिए इन्हें पूजा घर में ही एक पात्र में डालकर रख सकते हैं। 11वें दिन इन सभी बाती को कपूर और चार लौंग डालकर जला दें और इसका धुआ पूरे घर में करें। देव दीपावली के पावन अवसर पर दीपों से जगमग होती हुई तीर्थ नगरी स्वर्ग के समान सुशोभित हो रही थी | दीपोत्सव कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ,प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार दीक्षित, शिव बेंदेल संयोजक, हरिओम पचौरी संगठन मंत्री, सौरभ उपाध्याय उपाध्यक्ष, आशीष भारद्वाज कोषाध्यक्ष, जयप्रकाश त्रिवेदी सचिव, शशांक दीक्षित सचिव, सोमदत्त पाठक, जिला अध्यक्ष कासगंज पवन वशिष्ठ, मैथिल ब्राह्मण कल्याण सभा जिला अध्यक्ष राधे मोहन झा, युवा जिला अध्यक्ष अमित उपाध्याय, नगर अध्यक्ष अतुल निर्भय, पवन दुबे, दुर्गाशंकर तिवारी, रामभजन तिवारी, सुरेंद्र महेरे, अतुल तिवारी, पंकज मिश्रा कासगंज, आदित्य दुबे काकरिया, विनोद दीक्षित, योगेश उपाध्याय, सीटू पाठक, उपेंद्र उपाध्याय, प्रवीण वशिष्ठ पटना, श्री भगवान उपाध्याय अध्यापक, राधा कृष्ण विजय, रवि दुबे सभासद, रोहित पंडित, कुलदीप तिवारी, धनदीप शर्मा लालू , राहुल राजू प्रधान अर्जुन लाल गुप्ता प्रशांत तिवारी अनुभव तिवारी सैकड़ो सदस्य पदाधिकारी उपस्थित रहे

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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