आज पूजे जायेंगे घर-घर देव
महंगाई के बाबजूद जमकर बिके गन्ना सिंगाड़े

कासगंज। देवोत्थान को लेकर लोगों ने अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली। आज घर-घर में देवोत्थान पर देवी-देवताओं का पूजन की जायेगी। गन्ना सिंघाडे पर महंगाई होने के बावजूद भी लोगों पर इसका असर नहीं हुआ, शहर में गन्ना सिंघाडे की जमकर बिक्री हुई। लोगों को गन्ने के मोलभाव कर भौएं चढ़ाते देखा गया। इसके बाबजूद आज मगंलवार की सुबह से देवों की घर-घर गन्ना और सिंगाड़े से पूजा होगी। देवोत्थान के साथ सहालग भी शुरू हो जाते हैं। बता दें कि आषाढ शुक्ल एकादशी की तिथि को देव शयन करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन उठते हैं। इसलिए इसे देवोत्थान, देव उठनी एकादशी भी कहते हैं। कहा जाता है कि भगवान विष्णु आषाढ़ शुक्ल एकादशी को चार माह के लिए क्षीर सागर में शयन करते हैं। चार महीने पश्चात वो कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। विष्णु भगवान के शयन काल के चार माह में विवाह आदि अनेक मांगलिक कार्यों का आयोजन पूर्ण रूप से बंद हो जाता है। देवोत्थान के दिन यानि हरि के जागने के पश्चात सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।
————
खूब हुई गन्ना और सिघाड़े की खरीदारी
अमांपुर। कस्बा अमांपुर में देवोत्थान एकादशी का पर्व मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। इस पर्व के साथ ही सहालगों का दौर शुरू हो जाएगा। शुभ कायों की शुरुआत के साथ ही शहनाई भी गूंजेंगी। देवोत्थान पर्व की पूर्व संध्या पर कस्बे में सोमवार को सिंघाड़े, शकरकंद और गन्नों की खूब बिक्री हुई। बाजारों में खरीदारों की भीड़ रही। जाम के हालात बने रहे। शयन अवस्था में विराजमान देव आज (मंगलवार) को जाग्रत होंगे। इसी के साथ ही शुभ कामों की शुरुआत होगी और शहनाइयां भी गूंजेंगी। वहीं पूजा में काम आने वाला गन्ना दस से बीस रुपये में बिका तो सिघाड़ा और शकरकंद आदि सामान भी जमकर खरीदा गया। सोमवार को देवोत्थान पर्व को लेकर कस्बे के बारहद्वारी, घंटाघर, ददवारा, सहावर रोड, तिराहा पर गन्ने, सिघाड़े और शकरकंद की अस्थाई दुकाने सजीं। बाजारों में भीड़भाड के चलते जाम के हालात बने रहे। गन्ना, सिघाड़े, आलू और शकरकंद खूब खरीदा गया।
————
आज से शुरू जायेंगे शादी-वरातें
कासगंज। जुलाई माह के शुभ कार्यों पर लगा विराम आज देवोत्थान एकादशी के साथ से हट जायेगा। आज बडा सहालग होने के कारण सैकड़ों की संख्या में जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। इसी के साथ शुभ कार्यों की शुरूआत हो जायेगी, जिन घरों में आज शादी बरात है उन्होनें महिनों पूर्व ही मैरिज होम, बैंडबाजों, घोडी, टेंट डेकोरेशन व हलवाई आदि की बुकिंग करा दी है। जिससे उन्हे ऐन बक्त पर कोई तकलीफ न हो। वही एक दिन पूर्व की शहर के गेस्ट गेस्ट हाऊस व धर्मशालाएं दुल्हन की तरह सजी नजर आई।
————
धार्मिक कार्यक्रम की हुई तैयारियां
कासगंज। देवोत्थान पर भगवान के स्वरूपों को नई पोशाक पहनाने के लिए महिलाओं ने बाजार में खूब खरीदारी की। लड्डू गोपाल और दूसरे देवों के अलावा तुलसी-सालिग्राम के लिए भी नई पोशाकें खरीदी गई।
फोटो, कैप्शन-फड़ लगाकर सिंगाड़ों की विक्री करता विक्रेता।
फोटो कैप्शन-पर्व के दौरान गन्ने खरीदती महिलाएं व लोग।
Author: Soron Live 24

