करवाचौथ:निर्जला व्रत रख सुहागिनों की पति की लम्बी उम्र की कामना
चन्द्रोदय के बाद पति के हाथों जल पीकर खोला व्रत

(फोटो: चंद्रमा को अर्घ्य देती सुहागिन)

(फोटो:करवा चौथ व्रत कथा सुनती सुहागिन)
कासगंज। भारत धार्मिक परंपराओं का देश है जहां हर रिश्ता एक परंपरा में बंधा होता है। परिवार समाज का आधार है और इससे जुड़ी कई परंपराएं समाज में देखने को मिलती हैं। हिंदू धर्म में कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी करवा चौथ हर नारी के जीवन का सबसे अहम दिन होता है। महिलाएं सुहाग की लम्बी उमर के लिए निर्जल अर्थात बिना खाए पिए करवा चैथ का व्रत रखती हैं और रात को चांद को अर्घ्य देकर पति के हाथ से जल ले व्रत खोलती हैं। रविवार को देश भर में सुहागिनों ने करवा चौथ का व्रत रखा, तथा कई पुरुषों ने भी पत्नियों की लंबी उम्र की कामना से व्रत रखा। महिलाओं में व्रत का क्रेज अधिक दिखा तथा वह सजने संवरने के प्रति खासी उत्साहित दिखीं, करवाचौथ के दिन यह आरजू दिल में लिए हर सुहागिन अपने चांद से कहते हुए दिखी कि आज जल्दी आ जाना करवाचौथ का त्योहार है। सुहागिनों ने निर्जला उपवास रखकर पूजा अर्चना की। साथ ही देर शाम चंद्रमा का दर्शन कर अर्घ्य अर्पित किया। इसके साथ ही सुहागिनों ने पति के हाथों से अन्न एवं जल ग्रहण किया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखकर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की।
Author: Soron Live 24

