पूरे विश्व में मां दुर्गा के 108 रूपों की 108 सिद्ध पीठ हैं, जिनमें 2 पीठ जनपद कासगंज सोरों, पटियाली में स्थित हैं।


पुराणों के अनुसार पूरे विश्व में मां दुर्गा के 108 रूपों की 108 सिद्ध पीठ हैं, जिनमें 2 पीठ जनपद कासगंज में स्थित हैं।

 

 

(ज्यापीठ सोरोंजी)

 

(पाटलावती पीठ (पटियाली)

 

 

1- जया पीठ (सोरों जी)
2- पाटलावती पीठ (पटियाली)

कासगंज यूपी(अमित तिवारी )श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्र के अनुसार 8 वें खंड में सोरों जी स्थित जया पीठ, व 41 वें खंड में पटियाली स्थित पाटलावती पीठ का संदर्भ है। वहीं श्रीमददेवीभागवत स्कन्द महापुराण मत्स्य महापुराण में सोरों जी की जया देवी सिद्ध पीठ 23 वें स्थान पर संदर्भित है। स्कन्द महापुराण के अनुसार जया देवी को सूकर क्षेत्र की महाशक्ति के रूप में वर्णित किया गया है।

सती, साध्वी, भवप्रीता, भवानी, भवमोचनी, आर्या, दुर्गा, *जया पीठ (सोरों जी)*, आद्या, त्रिनेत्रा, शूलधारिणी, पिनाकधारिणी, चित्रा, चंद्रघंटा, महातपा, मन, बुद्धि, अहंकारा, चित्तरूपा, चिता, चिति, सर्वमंत्रमयी, सत्ता, सत्यानंदस्वरुपिणी, अनंता, भाविनी, भव्या, अभव्या, सदागति, शाम्भवी, देवमाता, चिंता, रत्नप्रिया, सर्वविद्या, दक्षकन्या, दक्षयज्ञविनाशिनी, अपर्णा, अनेकवर्णा, पाटला, *पाटलावती पीठ (पटियाली)*, पट्टाम्बरपरिधाना, कलमंजरीरंजिनी, अमेयविक्रमा, क्रूरा, सुंदरी, सुरसुंदरी, वनदुर्गा, मातंगी, मतंगमुनिपूजिता, ब्राह्मी, माहेश्वरी, ऐंद्री, कौमारी, वैष्णवी, चामुंडा, वाराही, लक्ष्मी, पुरुषाकृति, विमला, उत्कर्षिनी, ज्ञाना, क्रिया, नित्या, बुद्धिदा, बहुला, बहुलप्रिया, सर्ववाहनवाहना, निशुंभशुंभहननी, महिषासुरमर्दिनी, मधुकैटभहंत्री, चंडमुंडविनाशिनी, सर्वसुरविनाशा, सर्वदानवघातिनी, सर्वशास्त्रमयी, सत्या, सर्वास्त्रधारिणी, अनेकशस्त्रहस्ता, अनेकास्त्रधारिणी, कुमारी, एककन्या, कैशोरी, युवती, यति, अप्रौढ़ा, प्रौढ़ा, वृद्धमाता, बलप्रदा, महोदरी, मुक्तकेशी, घोररूपा, महाबला, अग्निज्वाला, रौद्रमुखी, कालरात्रि, तपस्विनी, नारायणी, भद्रकाली, विष्णुमाया, जलोदरी, शिवदुती, कराली, अनंता, परमेश्वरी, कात्यायनी, सावित्री, प्रत्यक्षा और ब्रह्मावादिनी।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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