सोरोंजी में पितृ पक्ष में पितरों की श्राद्ध पूजा करने पहुंच रहे श्रद्धालु
कासगंज यूपी:पितृपक्ष में तीर्थनगरी सोरों
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में अपने पितरों को मोक्ष की कामना से देश के विभिन्न प्रान्तों से श्रद्धालु हरि की पौड़ी पहुंच रहे हैं । भगवान वराह की निर्वाण स्थली सूकर क्षेत्र में पिण्ड दान, तर्पण,व श्राद्ध पूजा करने से प्राणी को जल थल और नभ तीनों से मुक्ति मिल जाती है। इसी पौराणिक मान्यता के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में तीर्थनगरी पहुंच रहे श्रद्धालु । तीर्थ पुरोहितों से अपने पूर्वजों की आत्मशान्ति के लिए पिण्ड दान व श्राद्ध पूजा क्या रहे हैं ,और आचार्य शशिधर द्विवेदी से करा रहे हैं पितृ तर्पण। पितृों को जलदान करने के बाद श्रद्धालु तीर्थ पुरोहितों को भोजन कराकर दान दक्षिणा दे रहे हैं। क्षेत्राधीश भगवान श्री वराह के दर्शन किये बिना यात्रा पूरी नहीं होती। इस बात को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालु भगवान वराह के दरबार में मत्था टेकने पहुंच रहे।सूकर क्षेत्र सोरों जी के लड्डू वाले बालाजी के घाट पर आचार्य शशिधर द्विवेदी, प०प्राज्ञेश द्विवेदी,प०सक्षम द्विवेदी व वराह घाट पर प०धर्मधर शास्त्री, प०वन्शीधर द्विवेदी के निर्देशन में श्रद्धालु विधि विधान पूर्वक पितरों को जल तर्पण कर रहे हैं।
आचार्य शशिधर द्विवेदी कहते हैं कि यह क्षेत्र माता पृथ्वी का आदि क्षेत्र है यह वराह गंगा,वृहद गंगा, और भागीरथी गंगा के पवित्र आंचल में स्थित है।इस तीर्थस्थल को देखने यहां की रज को स्पर्श करने और दान आदि से पितर ही नहीं व्यक्ति स्वयं भी मोक्ष का अधिकारी हो जाता है भगवान वराह का अतिप्रिय क्षेत्र है इसी के चलते यहां उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया और श्राद्ध कर्म के लिए शूकर क्षेत्र सर्वोत्तम है ।
पितृपक्ष में जलदान करने से न केवल पितरों को शान्ति मिलती है बल्कि प्रभावित व्यक्ति के जीवन की बाधायें भी दूर होती हैं।घर में प्रतिदिन दुर्गासप्तशती व गीता का पाठ करें ऐसा करने से आपको सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
Author: Soron Live 24


