शूकर क्षेत्र सोरों जी की इंदिरा एकादशी पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोशी परिक्रमा

आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी पंचकोशीय परिक्रमा हर की पौड़ी श्री गंगा जी मैं श्रद्धालुओं द्वारा स्नान करने के उपरांत भगवान वराह मंदिर से भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के बाद आज दिनांक 28 सितंबर 2024 दिन शनिवार इंदिरा एकादशी के पावन अवसर पर प्रातः 8:00 बजे शूकर क्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी संयोजक शरद कुमार पांडे के तत्वाधान में प्रारंभ हुई परिक्रमा प्रारंभ होकर श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए सूर्यकुंड, दूधेश्वर, साध्वी रत्नावली समाधि स्थल होते हुए बटुक भैरव मंदिर जयदेवी पीठ होते हुए ग्राम देवी मंदिर गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए 84 घंटे वाली मां पर प्रस्थान किया उसके बाद शेडू नगरा होते हुए बाक्षरू महाराज से सीता जी की रसोई पर राम दर्शन महेरे नीरज तिवारी पूरन सहित उनके साथियों ने खीर का भोग लगाकर प्रसादी बाटी वहां से होते हुए भक्तों द्वारा ममता देवी भवन प्रेम जी की बगीची पर गंगा ब्रह्मा गनसभा अध्यक्ष सुनील तिवारी एवं श्रद्धालुओं द्वारा जलपान की व्यवस्था कराई गई | वहां से सिंगल वाले महाराज पर विश्राम रहा महाराज पर अशोक धमनावत विजय तिवारी एवं श्रद्धालुओं द्वारा फलाहार की व्यवस्था सभी श्रद्धालुओं को कराई गई उसके बाद करुआ देव महाराज होते हुए बनखंडेश्वर महादेव पर नेक्सू प्रधान द्वारा प्रसादी वितरण किया गया वहां से परिक्रमा कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा होते हुए चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक के बाद अगला पढ़ाव काला गोरा भैरव बाबा मंदिर के बाद पंचकोशीय परिक्रमा भगवान वराह मंदिर पर पूर्ण हुई |शूकर क्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति संयोजक एवं ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने कहा – पंचकोशीय परिक्रमा में श्रद्धालु ॐ जय गंगे, ॐ जय वराह का जाप कर झूम रहे थे यह परिक्रमा प्रत्येक एकादशी को आयोजित की जाती है, जिसमें श्रद्धालु भगवान विष्णु भगवान वाराह की कृपा और मोक्ष प्राप्ति के लिए पवित्र हर की पौड़ी श्री गंगा जी स्नान कर भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के उपरांत श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए सोरों शूकर क्षेत्र की पंचकोशीय परिक्रमा करते हैं
सूकर क्षेत्र पंचकोशीय परिक्रमा समाज सेवा समिति संयोजक शरद कुमार पांडे ने बताया – सनातन धर्म में एकादशी बेहद पुण्यदायी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों में इस दिन व्रत, स्नान दान और उपवास का विशेष महत्व माना गया है। यह शुभ दिन भगवान विष्णु की उपासना और भक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। हर एकादशी का अपना अलग महत्व और फल होता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण एकादशी है इंदिरा एकादशी, जो पितृ पक्ष के दौरान आती है। यह एकादशी पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है। पंचकोसी परिक्रमा में मुख्य रूप से शिवानंद उपाध्याय प्रवीण कुमार द्विवेदी योगेश उपाध्याय
उपेंद्र उपाध्याय, शशांक दीक्षित, सुरेंद्र महेरे, विनोद दीक्षित, गीतम सिंह, खूब सिंह, बदन सिंह, लाखन सिंह, नीरज तिवारी, अर्जुन लाल गुप्ता, राजकुमार गौड, गिरिजा शंकर पाठक, सोमदत्त पाठक, रोशन लाल, राधेमोहन झा, श्याम किशोर वर्मा, राजकुमार, हरदयाल राजपूत, सत्य प्रकाश, निशा, जसवंत, सनी, राहुल, नेम सिंह, लाडली, नीलम सिंह, डालचंद, चंद्रावती, रामादेवी, प्रेमवती, कीर्ति, गोविंद गोपाल तिवारी हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे |
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Author: Soron Live 24

