कासगंज सोरों शूकर क्षेत्र के रत्नावली नगर बदरिया के मुरली मनोहर मंदिर पर संपन्न हुआ। जिसकी अध्यक्षता एटा से पधारीं आदरणीया कवयित्री राज वाला पुंढीर ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ समस्त अतिथियों ने मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित तथा पुष्प अर्पित कर किया । तत्पश्चात उपस्थित अतिथियों का पुष्पमाला, स्कंध पट्टिका पहनाकर तथा गंगा वराह की तस्वीर प्रदान कर भव्य स्वागत किया कार्यक्रम में अतिथियों के रूप में विजय दुवे, डॉ 0 रमेश यादव,सचिन उपाध्याय, कपिल दीक्षित, संजय चौधरी रहे। काव्यगोष्ठी में सर्वप्रथम मां शारदे की वंदना कवि शिव आशीष दौनेरिया ने अपनी मधुर वाणी से की तत्पश्चात नगर तथा बाहर से आए हुए समस्त कवियों ने अपने काव्यपाठ द्वारा उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि आदित्य शर्मा ने अपनी रचना जिंदगी एक है सपने बहुत, लुभाते हैं उनको अपने बहुत पढ़कर खूब तालियां बटोरीं, कवि हरे कृष्ण उपाध्याय ने अपनी रचना पहले देश में मर्यादा थी आज मर्यादा का ध्यान नहीं ,क्यों भूल गए हो तुम सब नारी का क्या सम्मान नहीं पढ़कर वाहवाही लूटी वहीं कवि अंकुर दौनेरिया ने अपनी रचना गीता प्रसंग पढ़कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, मथुरा से पधारे कवि डॉ 0 उदयवीर सिंह ने अपने प्रेरणास्पद मुक्तक सुनाकर समा बांध दिया, पटियाली से पधारे कवि सुधीर यादव ने संस्कारों में जो पलता वही इंसान बनता है ध्रुव अभिमन्यु नचिकेता भरत श्रीराम बनता है पढ़कर महफिल लूट ली, कवि राजेश शर्मा ने अपनी छंद



बद्ध रचना संकट आय रहो बहु भांति पढ़कर खूब तालियां बटोरीं, कवि उदित उपाध्याय ने अपनी गजल कहकर श्रोताओं से खूब तालियां बटोरीं,कवि शिव आशीष दौनेरिया ने रिश्तों का पंचनामा हर रोज हो रहा है, हर घर में नया ड्रामा हर रोज हो रहा है पढ़कर एक नया संदेश दिया, डॉ0 राजीव बरबारिया ने अपनी रचना मंजिल इंसान के हौसले आजमाती है, सपनों के पर्दे आंखों से हटाती है पढ़कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं कवयित्री राजबाला पुंढीर ने आयोजकों की भूरि भूरि प्रशंसा की तथा अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए समस्त कवियों एवं काव्यगोष्ठी के आयोजकों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए अपनी रचना एक लोकगीत के रूप में प्रस्तुत की
नवांकुरो की सभा मासिक काव्यगोष्ठी के संस्थापक व कार्यक्रम के संचालक कवि शिव आशीष दौनेरिया ने बताया कि यह काव्यगोष्ठी नवांकुरों को प्रतिमाह एक मंच प्रदान करने का प्रयास है इस तरह के मंचों के आभाव में जो नगर तथा नगर के आसपास क्षेत्र की साहित्यिक प्रतिभाएं दब जाती हैं उन्हें प्रकाश में लाने के लिए विगत 6 माह से अनवरत रूप से यह आयोजन कर रहे हैं और आगे भी प्रयासरत रहेंगे ।
संस्था के संरक्षक डॉ0 राजीव बरबारिया ने समस्त अतिथियों एवं कवियों का आभार प्रकट किया।
छठवीं मासिक काव्यगोष्ठी का सफल संचालन कवि शिव आशीष दौनेरिया ने किया ।
Author: Soron Live 24

