आदर्श मेहता संस्कृत विद्यालय की भूमि पर नगरपालिका का अतिक्रमण, ब्राह्मण कल्याण सभा ने जिलाधिकारी से कार्यवाही की मांग



कासगंज जनपद के पवित्र तीर्थस्थल सोरों शूकर क्षेत्र स्थित आदर्श मेहता संस्कृत माध्यमिक विद्यालय की भूमि पर नगरपालिका, सोरों द्वारा अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। ब्राह्मण कल्याण सभा ने इस विषय में जिलाधिकारी कासगंज, जो इस ट्रस्ट के पदेन अध्यक्ष भी हैं, कार्यवाही एवं हस्तक्षेप की मांग की है।
संस्थान का ऐतिहासिक महत्व:
सन् 1921 में तत्कालीन जिलाधिकारी श्री एन.सी. मेहता, I.C.S. द्वारा इस विद्यालय और पुस्तकालय की स्थापना की गई थी। इसके लिए पं. किशोरी लाल ‘हवा’ द्वारा भूमि दान की गई थी। सन् 1923 में भवन निर्माण का शिलान्यास और 1925 में ट्रस्ट का गठन हुआ, जिसमें जिलाधिकारी, नगरपालिका अध्यक्ष और अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।
???? यह विद्यालय वर्तमान में उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ से मान्यता प्राप्त है और कक्षा 12 (उत्तर मध्यमा) तक संस्कृत शिक्षा प्रदान करता है।
अतिक्रमण का आरोप:
ब्राह्मण कल्याण सभा ने आरोप लगाया गया है कि नगरपालिका, सोरों (कासगंज) द्वारा—तीन ट्यूबवेल,आठ सार्वजनिक शौचालय
विद्यालय की भूमि पर विद्यार्थियों के क्रीड़ा स्थल में बनवा दिए गए हैं, जिससे विद्यालय संचालन और विद्यार्थियों की गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ब्राह्मण कल्याण सभा राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पांडे का कहना है कि जब सरकार संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, ऐसे समय में इस तरह का अतिक्रमण चिंताजनक है।
जिलाधिकारी कासगंज से अनुरोध किया है कि वे ट्रस्ट के अध्यक्ष के नाते हस्तक्षेप कर विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराएं।
क्या बोले नगर पालिका अध्यक्ष :पूरे मामले नगर पालिका परिषद रामेश्वर दयाल महेरे ने बताया हर घर जल योजना के अंतर्गत ये जल निगम का कार्य है इसका सोरों नगर पालिका से कोई मतलब नहीं है ।
???? यह मामला प्रशासनिक संज्ञान का विषय बन चुका है और अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।
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Author: Soron Live 24

