पटियाली में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के स्थानांतरण के विरोध में अब्दुल हफीज गांधी का क्रमिक अनशन शुरू होगा, प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन

पटियाली में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के स्थानांतरण के विरोध में अब्दुल हफीज गांधी का क्रमिक अनशन शुरू होगा, प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन

कासगंज/पटियाली: तहसील पटियाली के ग्राम नवादा में प्रस्तावित ₹23 करोड़ की लागत से बनने वाले मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के सहावर तहसील अंतर्गत बड़ागांव में स्थानांतरण के विरोध में समाजवादी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता व जनपद के प्रमुख समाजसेवी अब्दुल हफीज गांधी ने क्रमिक अनशन की घोषणा की है। इस संबंध में पटियाली उप जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार मुकेश कुमार को सौंपा गया।

गांधी ने विद्यालय स्थानांतरण के प्रयासों को “पटियाली क्षेत्र के साथ खुला अन्याय” बताया और कहा कि यह न केवल शासनादेश के विरुद्ध है, बल्कि जनता की भावनाओं का भी अनादर है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के लिए ₹11.92 करोड़ की धनराशि कार्यदायी संस्था को पहले ही हस्तांतरित की जा चुकी है और निर्माण का स्थान ग्राम नवादा (पटियाली) ही अनुबंधित है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कई बार ज्ञापन, ईमेल और RTI के माध्यम से अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन जब कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तब उन्होंने जनहित में क्रमिक अनशन का रास्ता चुना। उन्होंने कहा –

“यह मेरी व्यक्तिगत नहीं, जनता की लड़ाई है, जिसे मैं अंतिम सांस तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ूंगा।”

???? क्रमिक अनशन का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

  • प्रथम चरण:
    ???? तहसील कार्यालय परिसर, पटियाली
    ???? 2 अगस्त 2025 (तहसील दिवस)
    ???? सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक

???? आगामी अनशन स्थलों की प्रस्तावित सूची:

  1. BSA कार्यालय, कासगंज
  2. जिलाधिकारी कार्यालय, कासगंज
  3. मण्डलायुक्त कार्यालय, अलीगढ़
  4. बेसिक शिक्षा निदेशालय, लखनऊ
  5. बेसिक शिक्षा मंत्री श्री संदीप सिंह का कार्यालय
  6. (आवश्यकता पड़ने पर) मुख्यमंत्री कार्यालय, लोकभवन, लखनऊ

✍️ मुख्य माँगें:

  1. ग्राम नवादा (पटियाली) में स्वीकृत विद्यालय का स्थानांतरण रोका जाए।
  2. ₹23 करोड़ की स्वीकृति के अनुरूप विद्यालय का निर्माण वहीं कराया जाए।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में अब्दुल हफीज गांधी के साथ तारिक अली फारूकी, दीपक यादव, मुनेंद्र शाक्य, सुल्तान नजमुल इस्लाम, इरशाद अली और पंकज सिंह वर्मा जैसे प्रमुख लोग मौजूद रहे।

गांधी ने अंत में स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए संचालित किया जाएगा।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *