कासगंज:आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी में देवशयनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोशी परिक्रमा।

शूकर क्षेत्र धाम, सोरों जी पंचकोशीय परिक्रमा हर की पौड़ी श्री गंगा जी मैं श्रद्धालुओं द्वारा स्नान करने के उपरांत भगवान वराह मंदिर से भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के बाद आज दिनांक 6/7/ 2025 दिन रविवार को देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर प्रातः 7:00 बजे शूकर क्षेत्र समाज सेवा समिति आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी संयोजक एवं ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे के नेतृत्व में प्रारंभ हुई परिक्रमा प्रारंभ होकर श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए सूर्यकुंड, दूधेश्वर, साध्वी रत्नावली समाधि स्थल होते हुए बटुक भैरव मंदिर जयदेवी पीठ होते हुए सीताराम मंदिर ग्राम देवी मंदिर गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए 84 घंटे वाली मां पर प्रस्थान किया उसके बाद शेडू नगरा होते हुए बाक्षरू महाराज से सीता जी की रसोई पर विश्राम किया सीता रसोई पर रामगोविंद महेरे, रामदर्शन महेरे, नीरज तिवारी, पूरन श्रीवास्तव मुस्कान आकाश महेरे नीरज तिवारी मोना तिवारी ओम प्रकाश मौर्य सहित उनके साथियों ने आम के रस का भोग लगाकर प्रसादी बाटी वहां से होते हुए भक्तों द्वारा ममता देवी भवन प्रेम जी की बगीची पर श्री गंगा वराह महासभा अध्यक्ष सुनील तिवारी सौरभ दीक्षित योगेंद्र निर्भय निखिल तिवारी एवं श्रद्धालुओं द्वारा जलपान की व्यवस्था कराई गई | वहां से सिंगल वाले महाराज पर विश्राम रहा महाराज पर गिरीश पाठक , अशोक धमनावत, अवधेश अमरदीप एवं श्रद्धालुओं द्वारा फलाहार की व्यवस्था सभी को कराई गई उसके बाद करुआ देव महाराज से होते हुए बनखंडेश्वर महादेव भागीरथ गुफा पर ब्राह्मण कल्याण सभा मंडल संयोजक मनोज मिश्रा द्वारा प्रसादी का वितरण किया गया वहां से परिक्रमा कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा होते हुए चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक के बाद अगला पढ़ाव काला गोरा भैरव बाबा मंदिर के बाद पंचकोशीय परिक्रमा भगवान वराह मंदिर पर पूर्ण हुई |शूकर क्षेत्र समाज सेवा समिति संयोजक एवं ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने कहा – पंचकोशीय परिक्रमा में श्रद्धालु ॐ जय गंगे, ॐ जय वराह का जाप कर झूम रहे थे यह परिक्रमा प्रत्येक एकादशी को आयोजित की जाती है, जिसमें श्रद्धालु भगवान विष्णु भगवान वाराह की कृपा और मोक्ष प्राप्ति के लिए पवित्र हर की पौड़ी श्री गंगा जी मैं स्नान कर भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के उपरांत श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए सोरों शूकर क्षेत्र की पंचकोशीय परिक्रमा करते हैं भगवान वराह का पूजन सेवायत आचार्य नरेश त्रिगुणायत द्वारा संपन्न कराया जाता है
शरद कुमार पांडे ने बताया – सनातन धर्म में एकादशी बेहद पुण्यदायी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों में इस दिन व्रत, स्नान दान और उपवास का विशेष महत्व माना गया है। यह शुभ दिन भगवान विष्णु की उपासना और भक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। हर एकादशी का अपना अलग महत्व और फल होता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर २६ हो जाती है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी कहा जाता है। कहीं-कहीं इस तिथि को ‘पद्मनाभा’ भी कहते हैं। सूर्य के मिथुन राशि में आने पर ये एकादशी आती है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है। इस दिन से भगवान श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और फिर लगभग चार माह बाद तुला राशि में सूर्य के जाने पर उन्हें उठाया जाता है। उस दिन को देवोत्थानी एकादशी कहा जाता है। इस बीच के अंतराल को ही चातुर्मास कहा गया है।
सूकर क्षेत्र धाम सोरों जी का धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए शरद कुमार पांडे ने बताया – हिरण्याक्ष दैत्य बड़ा ही बलवान था। देवताओं पर चढ़ाई करके देवताओं को जीत लिया। लोकों का अधिपति बनकर बैठ गया। देवता छिप गये। भगवान विष्णु की आराधना करने लगे। तब भगवान वाराह का रूप धारण इसी शूकर क्षेत्र में ब्रह्माजी की नासिका से प्रकट हुए। भगवान वारह ने पाताल में जाकर दैत्य से युद्ध कर उसका वध किया। पृथ्वी का भार हरण किया। भगवान अपने अवतार का उद्देश्य पूरा करने के बाद निज देह का परित्याग इसी सोरों शूकर पुण्य क्षेत्र में किया। यहीं पर विष्णु के अवतार भगवान वाराह का मंदिर है।
सीता की रसोई है, जिसके बारे में मान्यता है कि सीता जी ने यहां भोजन पकाया था। सूर्य कुंड है, जिसके पानी से खीर बनाने की परंपरा है। तुलसीदास की ससुराल है। धर्म क्षेत्र के जानकारों के अनुसार सृष्टि का उद्गम स्थल सोरों तीर्थनगरी को ही माना जाता है।
सोरों सूकर क्षेत्र उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूर विश्व विख्यात आदितीर्थ सोरों सूकर क्षेत्र है। यहां पहुंचने के लिए बस और रेल मार्ग दोनों ही साधन हैं। तीर्थनगरी सोरों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आते हैं। शिवानंद उपाध्यक्ष विनोद दीक्षित ने बताया परिक्रमा में आगरा बरेली बदायूं उझानी दरवापुर रामनगर जमुनिया दातागंज नगला डाक सिकंद्राराऊ ग्राम बरसूआ बदायूं ग्राम अलीगढ़ हाथरस एटा अवागढ़ कासगंज सहावर एवं कासगंज जनपद के अधिकांश ग्रामों से श्रद्धालुओं का जनसैलाब परिक्रमा में हरि कीर्तन करते हुए अलग-अलग ग्रुपों में श्री हरि के भजन में मग्न थे परिक्रमा में मुख्य रूप से शरद कुमार पांड शिवानंद उपाध्याय शशांक दीक्षित उपेंद्र उपाध्याय दिनेश चंद्र गुप्ता गोविंद तिवारी नाथू सिह नंदन सिंह वीरेंद्र लाखन सिंह हाकिम सिंह करन पाराशर गीतम सिंह चंचल राजपूत शशी राजपूत गिरजा शंकर पाठक श्याम किशोर वर्मा रामचंद्र साहू खूब सिंह लोधी ज्ञान सिंह अजय कुमार तिवारी सुभाष बाबू अंजू भावना राजपाल गुंद्र गंज वीरेंद्र गुंद्र गंज प्रदीप उपाध्याय अशोक पांडे गिरिजा शंकर पाठक जयप्रकाश त्रिवेदी राजकुमार गॉड गंगाराम सुमन मिश्रा लकी मिश्रा रामबाबू मिश्रा सतीश चंद्र शर्मा शेर सिंह रामकिशोर भोजराज रामदयाल तेजपाल किशन लाल नीलम प्रभादेवी तिवारी विद्या देवी रतन देवी करण सिंह सुरेश बाबू सुभाष बाबू अंजू भावना अंशु सहित हजारों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा लगाकर भगवान वराह का आशीर्वाद प्राप्त किया |

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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