एडीजी जोन ने किया मिशन जागृति अभियान के चौथे चरण का शुभारंभ

कासगंज। आगरा जोन के सभी जनपदों में चलाए जाने वाले ऑपरेशन जागृति 4.0 का गुरूवार को कासगंज सेंट जोसफ स्कूल में एडीजी आगरा जोन द्वारा शुभारंभ किया गया। इस दौरान एडीजी जोन आगरा ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति होने वाले अपराधों में आपरेशन जागृति अभियान लाएगा।
आपको बतादें कि अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ द्वारा जनपद कासगंज के सेंट जोसेफ स्कूल पहुंचकर ऑपरेशन जागृति 4.0 फेज इंटेंसिव कम्युनिटी आउटरीच फॉर इम्पावरिंग वोमेन एंड गर्ल्स फॉर सेफ्टी एंड अवेयरनेस कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में यूनिसेफ के पदाधिकारियों द्वारा कार्यक्रम की कार्य योजना पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से ऑपरेशन जागृति प्रोग्राम के सम्बन्ध में अवगत कराया कि उक्त प्रोग्राम आगरा जोन स्तर तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे देश-प्रदेश स्तर पर लेकर जाया जाएगा व सेंट जोसेफ पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा महिला एवं बालिकाओं सम्बंधी अपराधों में कमी लाने हेतु चलाए जा रहे ऑपरेशन जागृति 4.0 अभियान में स्कूल मेनेजमेंट की ओर भरपूर सहयोग किया जाना बताया। जिलाधिकारी कासगंज मेधा रुपम व पुलिस अधीक्षक कासगंज अंकिता शर्मा द्वारा भी स्कूली छात्र/ छात्राओं को आपरेशन जागृति के मुख्य बिन्दु महिलाओं के प्रति अपराध, झूठे प्रकरणों में महिलाओं को मोहरा बनाने की प्रवृति एवं उसके दुष्परिणाम, लव रिलेशनशिप के प्रति अभिभावकों, किशोर व किशोरियों को जागरूक करना, साइबर हिंसा से सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा, युवावस्था में नशा सेवन की प्रति एवं उसके परिणाम व परिवारिक विघटन के मामलों में काउंसलिंग व रेफरल उपलब्ध कराने पर प्रकाश डाला गया एवं विस्तार से अवगत कराया गया। बताया कि महिलाएं किसी भी स्तर पर खुद को कमजोर ना समझें, पुलिस और प्रशासन हमेशा उनके साथ है। कार्यक्रम के दौरान आयुक्त अलीगढ़ मंडल अलीगढ़ संगीता सिंह व पुलिस उपमहानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र अलीगढ़ प्रभाकर चैधरी द्वारा भी आपरेशन जागृति अभियान को सफल बनाये जाने एवं जनजन तक उसके उद्देश्य तक पहुँचाने एवं महिला एवं बालिकाओं को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि कभी-कभी समझ पूर्ण ना होने एवं अपरिपक्व होने के कारण नाबालिग उम्र में बालिकायें लव अफेयर, इलोपमेंट(पलायन), लिव-इन-रिलेशनशिप जैसे सेनेरियो में फँस जाती हैं और किन्हीं कारणों से उनको समझौता करना पड़ता है। कई बार बालिकायें अपनी सहमति से भी बिना सोचे समझे चली जाती है। साथ ही साथ बदनामी के भय से ऐसा संत्रास झेलना पड़ता है, जिसके कारण वह ऐसी स्थिति से निकलने में अपने आपको अक्षम महसूस करती है। परिवार में आपसी संवाद हीनता और अभिभावकों से डर के कारण बालिकाएं अपनी बात नहीं कह पाती हैं। इसके अतिरिक्त आज तकनीक के दुरूपयोग के चलते महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति साइबर बुलिंग के मामले भी सामने आ रहे है। इन सभी परिस्थितियों में सामाजिक जागरूकता, संवाद शिक्षा और परामर्श (काउंसिलिंगध्सपोर्ट) की बेहद आवश्यकता है जिसके उद्देश्य की पूर्ति हेतु गांव-गांव स्कूल कालेज एवं जन चैपाल लगाकर जागरूक किये जाने हेतु आपरेशन जागृति अभियान का 4.0 फेज का शुभारम्भ किया गया है।
Author: Soron Live 24

