शूकर क्षेत्र सोरों जी की रमा एकादशी पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोशी परिक्रमा

कासगंज ब्यूरो:शूकर क्षेत्र धाम, सोरों जी पंचकोशीय परिक्रमा हर की पौड़ी श्री गंगा जी मैं श्रद्धालुओं द्वारा स्नान करने के उपरांत भगवान वराह मंदिर से भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के बाद आज दिनांक 28/10/ 2024 दिन सोमवार को रमा एकादशी के पावन अवसर पर प्रातः 8:00 बजे शूकर क्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति आदि तीर्थ शूकर क्षेत्र धाम, सोरों जी संयोजक शरद कुमार पांडे के नेतृत्व में प्रारंभ हुई परिक्रमा प्रारंभ होकर श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए योग तीर्थ योगेश्वर महादेव मंदिर पर सभासद रवि दुबे द्वारा सभी श्रद्धालुओं को जलपान कराया गया, वहां से परिक्रमा सूर्य कुंड, दूधेश्वर, साध्वी रत्नावली समाधि स्थल होते हुए बटुक भैरव मंदिर जयदेवी पीठ होते हुए ग्राम देवी मंदिर गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए 84 घंटे वाली मां पर प्रस्थान किया उसके बाद सेडू नगरा होते हुए बाचरू महाराज से सीता जी की रसोई पर राम गोविंद महेरे, राम दर्शन महेरे, नीरज तिवारी, आकाश महेरे, पूरन सहित उनके साथियों ने खीर का भोग लगाकर प्रसादी बाटी वहां से होते हुए भक्तों द्वारा ममता देवी भवन प्रेम जी की बगीची पर गंगा वराह सभा अध्यक्ष सुनील तिवारी, दीपक बढ़गया, मुन्नालाल ,सौरभ दीक्षित एवं श्रद्धालुओं द्वारा जलपान की व्यवस्था कराई गई | वहां से सिंगल वाले महाराज पर विश्राम रहा महाराज पर अशोक धमनावत, विजय तिवारी गिरीश पाठक एवं श्रद्धालुओं द्वारा फलाहार की व्यवस्था सभी श्रद्धालुओं को कराई गई उसके बाद करुआ देव महाराज होते हुए बनखंडेश्वर महादेव पर नेक्सू प्रधान, सोमदत्त पाठक द्वारा प्रसादी वितरण किया गया वहां से परिक्रमा कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा होते हुए चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक के बाद अगला पढ़ाव काला गोरा भैरव बाबा मंदिर के बाद पंचकोशीय परिक्रमा भगवान वराह मंदिर पर पूर्ण हुई |शूकर क्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति संयोजक एवं ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने कहा – पंचकोशीय परिक्रमा में श्रद्धालु ॐ जय गंगे, ॐ जय वराह का जाप कर झूम रहे थे यह परिक्रमा प्रत्येक एकादशी को आयोजित की जाती है, जिसमें श्रद्धालु भगवान विष्णु भगवान वाराह की कृपा और मोक्ष प्राप्ति के लिए पवित्र हर की पौड़ी श्री गंगा जी मैं स्नान कर भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के उपरांत श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए सोरों शूकर क्षेत्र की पंचकोशीय परिक्रमा करते हैं भगवान वराह का पूजन सेवायत आचार्य नरेश त्रिगुणायत द्वारा संपन्न कराया
सूकर क्षेत्र पंचकोशीय परिक्रमा समाज सेवा समिति संयोजक शरद कुमार पांडे ने बताया – सनातन धर्म में एकादशी बेहद पुण्यदायी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों में इस दिन व्रत, स्नान दान और उपवास का विशेष महत्व माना गया है। यह शुभ दिन भगवान विष्णु की उपासना और भक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। हर एकादशी का अपना अलग महत्व और फल होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमा एकादशी भगवान विष्णु के सभी प्रिय व्रतों में से एक मानी जाती है। कहा जाता है कि इस दिन पुण्य करनें से बहुत बड़े लाभ की प्राप्ति होती है। पुराणों में यह भी कहा गया है कि इस व्रत को करनें से बैकुण्ठ की प्राप्ति होती है। और सभी समस्याओं से मुक्ति भी मिलती है। इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करने से इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। यह भी कहा जाता है कि इस व्रत को करने से और आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी की पंचकोशीय परिक्रमा करने से सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है। तथा विष्णु अवतार भगवान वराह के आशीर्वाद से जातक को पापों से छुटकारा मिलता है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसके अलावा जीवन में आने वाली सभी तरह की बाधाएं भी दूर होती हैं। जातक को जीवन में कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता और सदैव तिजाोरी भरी रहती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने रमा एकादशी के बारे में युधिष्ठर से कहा कि इस एकादशी का सच्चे मन से व्रत करने से वाजपेय यज्ञ के बराबर फल मिलता है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु और धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा और दान करने से धन का लाभ बना रहता है।
परिक्रमा में मुख्य रूप से संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे, कोतवाली प्रभारी भोजराज अवस्थी ,शशांक दीक्षित, प्रवीण कुमार द्विवेदी एटा, अशोक कुमार पांडे, सुरेंद्र महेरे, गीतम सिंह, वीरेंद्र, राजपाल, बदन सिंह, गिरजा शंकर पाठक, शैलेश यादव, रामनंदन, राधा गोविंद चक्की वाले, राधा कृष्ण विजय, भगवती देवी, हंसदेवी गुप्ता, कीर्ति पांडे, प्रमोद उपाध्याय नगला खांजी, रामनिवास, शिवम भारद्वाज, अर्जुन लाल गुप्ता, गोविंद, गोपाल तिवारी, रीता देवी, प्रभादेवी, उषा चौधरी, नीरज पचौरी, सर्वेश उपाध्याय, चंद्रावती, उमा देवी, देव कुमारी, अनुज, सुमन देवी, राजवर्धन दुबे, करुण लता तिवारी, राधा देवी, आशीष, जसवीर यादव, आचार्य शशिधर द्विवेदी, बिना पत्नी हलधर द्विवेदी स्वीडन, आशीष चौहान, राधा देवी कासगंज, सहित बड़ी संख्या में हजारों हजार श्रद्धालु अलग-अलग टोलीयौ के साथ परिक्रमा में झूमते हुए नजर आ रहे थे
Author: Soron Live 24

