स्वच्छ सिटी रखने में आड़े आ रही पॉलीथिन
प्रशासन को पॉलीथिन पर लगानी होगी लगाम
कासगंज /सचिन उपाध्याय। भले ही सरकार पर्यावरण संरक्षण के ढोल पीटते नहीं थकती हो मगर वास्तव में सरकारी तंत्र सरकार के इस अभियान को गंभीरता से नहीं ले रहा है। दुर्गा पूजा, दशहरा, ईद उल अजहा, करवा चौथ के बाद अब दीपावली के लिए बाजार सज गए हैं। बाजारों में खरीदारी के लिए पहुंचने वाले ज्यादातर लोग घर से थैला लेकर जाने की जरूरत महसूस ही नहीं कर रहे। उन्हें लगता है कि जो भी सामान खरीदेंगे, उसे दुकानदार पॉलीथिन में पैक करके दे देगा। हो भी यही रहा है। ऐसे में खरीदे गए सामान के साथ घरों में पहुंचने वाली पॉलीथिन बाद में कूड़े के साथ ही सड़कों पर आ रही है। तमाम लोग घर का कचरा कूड़ा पॉलीथिन की इस्तेमाल की हुई थैलियों में भरकर बाहर गली या मुख्य सड़कों के किनारे फेंक देते हैं। इससे शहर में प्रदूषण के साथ ही गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है। हालांकि पॉलीथिन के खिलाफ कई शहरों में अभियान चलाया जा चुका है। लेकिन कासगंज जिला प्रशासन ने अभी भी पॉलीथिन को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। त्योहारों के सीजन में पॉलीथिन का इस्तेमाल अधिक बढ़ जाने से समस्या पैदा हो रही है। अतः जिला प्रशासन व नगर पालिका इस पॉलीथिन पर रोक लगाकर कासगंज सिटी को स्वच्छ बना सकता है।
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पॉलीथीन को बढ़ावा देने में दुकानदारों से ज्यादा दोषी हम खुद
कासगंज। अक्सर हम पॉलीथीन को बढ़ावा
मिलने के पीछे दुकानदारों पर दोष मढ़कर अपना बचाव करने की कोशिश करते हैं। हालांकि वास्तविकता में इसके लिए दुकानदारों से ज्यादा दोषी हम खुद हैं। अगर यह ठान लें कि कोई भी सामान पॉलीथीन की थैली में लेकर नहीं जाना है। सामान की खरीददारी के लिए थैला घर से साथ लेकर चलेंगे तो कोई दुकानदार जबरन पॉलीथीन की थैली में सामान देने की जिद नहीं करेगा। यह बात अलग है कि दुकानदार पॉलीथीन की थैलियां खरीदने में जो धनराशि खर्च करता हैं, उसकी भरपाई ग्राहकों की जेब से ही लेता है। अगर हम ग्राहक जागरुक हो जाए तो खर्च बचेगा और साथ ही पॉलीथीन से भी छुटकारा मिल सकेगा।
Author: Soron Live 24

