थॉमस अल्वा एडिसन जैसी शख्सियतें सदियों में कभी कभार ही जन्म लेती है – अमित चौहान

थॉमस अल्वा एडिसन जैसी शख्सियतें सदियों में कभी कभार ही जन्म लेती है – अमित चौहान

बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन।
थॉमस अल्वा एड़िसन को उनकी पुण्यतिथि पर जनपद भर में याद किया गया। गेटवे इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य अमित चौहान ने बताया कि थॉमस अल्वा एड़िसन विश्व के सबसे प्रसिद्ध अविष्कारकों में शुमार है। एड़िसन ने आधुनिक जीवन पर जबरदस्त प्रभाव डाला। उन्होंने तापदीप्त प्रकाश बल्ब, फोनोग्राफ और मोशन पिक्चर कैमरा जैसे अविष्कारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ-साथ उन्होंने टेलीग्राफ और टेलीफोन में सुधार किया। बताया कि उन्होंने 84 वर्षो में 1093 पेटेंट हासिल किये जो उनकी महानता को बताने के लिए काफी है। अमित चौहान ने बताया कि थॉमस एल्वा एड़िसन का जन्म सैम और नैन्सी के घर में 11 फरवरी वर्ष 1847 को ओहियो के मिलान में हुआ था। उनका परिवार गरीब था। जब एक स्कूल मास्टर ने एडिसन को बेवकूफ कहा तो एडिसन की मॉ ने एडिसन को स्कूल से निकालकर उसको स्वयं ही घर पर पढ़ाना शुरू कर दिया और उनके ज्ञान और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस बात को एडिसन हमेशा कहा करते थे कि मेरी मॉं ने मुझे बनाया। अमित चौहान ने कहा कि थॉमस अल्वा एडिसन इतने महान व्यक्ति थे जिसको शब्दों में बयॉं नही किया जा सकता। साधनों की कमी होते हुए भी उन्होने कभी हार नही मानी और उनके अविष्कारों ने विश्व को ऐसे अनमोल उपहार दिये जिनको विश्व हमेशा-हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि थॉमस अल्वा एडिसन के महान जीवन से विद्यार्थियों को प्रेरणा लेनी चाहिए और विपरित परिस्थितियों से कभी घबराना नही चाहिए।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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