शरद पूर्णिमा पर्व पर गंगा घाटों पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाव
हरि की पैड़ी एवं कछला गंगा घाट पर स्नान को जुटे हजारों श्रद्धालु

श्रद्धालुओं ने मंदिरों में की पूजा अर्चना के बाद दान कर कमाया पुण्य
कासगंज। आश्विन मास के अंतिम दिन शरद पूर्णिमा पर्व हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर जुटे। गुरुवार की सुबह चार बजे से ही गंगा घाटों पर हर-हर गंगे के जयघोष गुंजायमान होने लगे थे। स्नान आदि से निवृत होकर श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों के किनारे स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना की और दान कर पुण्य कमाया। भीड़ के चलते शरद पूर्णिमा पर प्रशासन द्वारा किए गए इंतजाम बौने साबित हुए।
गुरुवार को आश्विन मास का अंतिम दिन रहा। शरद पूर्णिमा पर्व होने की वजह से गंगा स्नान के लिए बीते बुधवार की देर शाम ही गंगा घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होने लगे थे। सुबह होते ही श्रद्धालुओं के गंगा में डुबकी लगाने का सिलसिला शुरू हो गया। सोरों स्थित हरि की पैडी, लहरा, कछला, कादरगंज समेत अन्य गंगा घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ स्नान किया। सबसे अधिक भीड़ हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली से आने वाले श्रद्धालुओं की दिखी। गंगा घाटों पर स्नान का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। हर-हर गंगे के जयघोष से गंगा घाट गुंजायमान होते रहे। स्नान आदि से निवृत्त होकर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की, मंदिरों में दान कर श्रद्धालुओं ने पुण्य कमाया। इसके बाद श्रद्धालु गंगा घाटों से अपने गंतव्यों के लिए निजी, प्राइवेट, रोडवेज बसों एवं ट्रेन से रवाना होने लगे।
—————–
डग्गेमार वाहन चालकों ने वसूला मनमाना किराया
कासगंज। आश्विन मास के अंतिम दिन शरद पूर्णिमा पर परिवहन विभाग द्वारा कोई खास इंतजाम नहीं किए गए, जो बसें निर्धारित थीं, वहीं इन मार्गों पर गुजरी। जिसकी वजह से जिला मुख्यालय से गंगा घाट और गंगा घाट से जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं ने डग्गेमार वाहनों का सहारा लिया। डग्गेमार वाहन चालकों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया। इसके एवज में यात्रियों को कासगंज स्थित रोडवेज बस स्टैंड तक पहुंचाया गया।
फोटो- शरद पूर्णिमा की प्रातः सोरों गंगा घाट पर स्रान करते स्रानार्थी।
Author: Soron Live 24

