जनपद भर में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन का त्यौहार


बहिनों ने भाइयों की कलाई में रक्षासूत्र के रूप में बांधी राखियां
भाइयों ने उपहार भेंट कर जीवन पर्यन्त रक्षा का लिया संकल्प

कासगंज। सोमवार को पूरे जनपद में भाई के बहिन के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन को धूमधाम से मनाया गया। दूर दराज इलाकों से आने वाली बहिनें अपने भाइयों के घर सोमवार को ही पहुंच सकी। भाइयों की कलाई में बहिनों ने रक्षासूत्र के रूप में राखी बांधी साथ ही उन्हें मिठाई खिलाकर लंबी उम्र की कामना भी की। भाइयों ने भी इस ऐवज में बहिनों को उनकी जीवन पर्यंत रक्षा करने का संकल्प लिया। साथ ही उपहार भी भेंट किए। सोमवार को सभी भाइयों के हाथों में राखियां नजर आ रही थी। व्यस्तता की बजह से सोमवार को ही वापिस अपने घर के लिए बहिनें घरों को रवाना हुई। पूरे दिन यात्रियों के आवागमन की बजह से भीड ने रेलवे एवं रोडबेज के इंतजाम बिफल साबित हुए।
भाई बहिन के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन को पूरे जनपद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस त्यौहार को मनाने के लिए भाई बहिनों को बुलाने के लिए उनके घर जाने का सिलसिला एक सप्ताह पूर्व से ही जारी था। लेकिन आधुनिकता के युग में व्यस्तता के चलते बहिनें अपने भाइयों के घर कुछ दिन पूर्व से नहंी पहुंच सकी, और सोमवार को रक्षाबंधन वाले दिन ही भाइयों के घर पहुंची। वहीं कुछ बहिनों के घर भाई सोमवार को राखी बंधवाने के लिए स्वयं उनके घर गए। और राखियां बंधवाने के बाद वापिस अपने घर के लिए रवाना हुए। वहीं बहिनें भी व्यस्तता के चलते भाइयों घर से सोमवार की देर सांय को ही वापिस अपने घर के लिए रवाना हो गई। पूरे दिन रहीं चहल पहल की बजह से बाजारों में खासी रौनक दिखाई दी। बहिनों ने भाइयों के घर जाने के लिए साथ ही सावन माह की प्रसिद्ध मिठाई घेवर की भी खरीददारी की। राखी बांधने के दौरान भाई बहिनों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई। बहिनों ने भाइयों के हाथों में रक्षा सूत्र के रूप में राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहिनों को उनकी जीवन पर्यंत रक्षा करने का संकल्प लेते हुए उपहार भेंट किए। पूरे दिन हुई चहल पहल की बजह से बाजारों में भी खासी रौनक दिखाई दी। बहिनों द्वारा रक्षाबंधन के दिन ही भाइयों के घर पहुंचने की बजह से गुरूवार को ही राखियां आदि खरीदी गई। जिससे सोमवार के दिन भी राखियों की जमकर खरीददारी हुई। पूरे दिन हुए आवागमन की बजह से रोडबेज के वाहनों की कमी खली। हालांकि रोडबेज विभाग द्वारा अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई थी। वहीं ट्रेनों में यात्रियों की खासी भीड रही। यात्रियों ने जान जोखिम में डालकर पायदानों एवं छतो पर बैठकर यात्रा की।
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ब्रह्माकुमारी बहनों ने डीएम, एसपी सहित अनेक अधिकारियों को राखी बांधी
कासगंज। रक्षाबन्धन के अवसर पर सेवाकेन्द्र पर आयोजित एक कार्यक्रम में राजयोगिनी सरोज दीदी ने सभी के समक्ष रक्षाबन्धन का आध्यात्मिक रहस्य भी स्पष्ट करते हुए कहा कि राखी के धागे हमें पवित्र कर्म करने की प्रतिज्ञा कराते हैं। उन्होंने बताया कि यह पावन पर्व मात्र बहन के द्वारा भाई को राखी बांधने तक ही सीमित नहीं है। इसका संदेश यह है कि जिस प्रकार एक भाई की अपनी बहन के प्रति पवित्र दृष्टि वृत्ति होती है उसी प्रकार उसकी दृष्टि संसार की सभी बहनों के प्रति हो तब समाज से विकृतियां दूर होंगी। इसके लिए सभी को आत्मिकभाव से देखें। देह का भान ही बुराईयों को मन में लाता है। इस बन्धन को पक्का बांधना ही सच्ची राखी मनाना है। इस पवित्र बन्धन को बांधने से ही हमारी बुराईयों से रक्षा हो सकती है, इसलिए हमें इस दिन से अपने जीवन के किसी एक दुर्गुण को छोड़ने का दृढ़ संकल्प करना चाहिए। करूणा बहन ने कहा कि कर्म बीज होता है जिसका फल अवश्य निकलता है। चाहे यह कर्मबीज आपने अभी बोया हो या पूर्व जन्मों में परन्तु फल अवश्य भोगना पड़ेगा। इसलिए हमें अपना भविष्य सुधारने के लिए अपने कर्मों पर अवश्य ध्यान देना होगा। परमात्म स्मृति में किये गये कर्म श्रेष्ठ होते हैं। इस अवसर पर राखी के प्रतिदान स्वरूप में सभी से किसी एक अवगुण को हमेशा के लिए त्याग देने की प्रतिज्ञा भी करवाई गयी। सभी को रक्षाबन्धन का पवित्र सूत्र बांधा, मस्तक पर टीका लगाया तथा मिठाई भी खिलाई। ब्रह्माकुमारी बहनों ने जिलाधिकारी मेधा रूपम, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, नगरपालिका अध्यक्ष मीना बोहरे, राजेन्द्र बोहरे, एडीएम राकेश कुमारी पटेल, सीडीओ सचिन, सीओ कासगंज, सीओ सहावर साजिदा हुसैन, सहावर तहसीलदार संदीप चैधरी, कासगंज थानाध्यक्ष लोकेश भाटी, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शशिलता चैहान तथा अन्य अनेक अधिकारियों व कर्मचारियों को राखी बांधी।
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बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है।
अमांपुर। कस्बा अमांपुर में भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्यौहार रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को उत्साह और परंपरागत तरीके के साथ मनाया गया। बहनों ने रेशम के धागों के साथ अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और मस्तिष्क पर तिलक लगाकर उनके दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने भी उन्हे उपहार देकर उनकी रक्षा का वचन दिया। पर्व पर बहन एवं भाइयों में खासा उत्साह नजर आया। बहनें पर्व मनाने के लिए अपने मायके पहुंच गई तो काफी संख्या में भाई भी राखी बंधवाने के लिए बहनों की ससुराल को रवाना हुए। एक दूसरे को देखकर उनके चेहरे खिल उठे। छोटे बहन-भाईयों में पर्व का सबसे अधिक उत्साह देखा गया। सुबह से ही घरों में पर्व संबंधी तैयारियां शुरू हो गई। पर्व के चलते बाजार में चहल-पहल बनी रही। मिठाई की दूकानों पर विशेषकर घेवर की जमकर बिक्री हुई। रेडीमेड और साड़ी की दुकानों पर खासी भीड़ रही। लोगों ने अपने घरों पर सौना पूजन किया। इसके साथ ही घरों में नागपंचमी के दिन बोई गई भुजरियां की भी पूजा की।
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भुजरिया का होता है विसर्जन
कासगंज। रक्षाबंधन पर्व से पूर्व नाग पंचमी वाले दिन उपलों व मिट्टी के बने वर्तनों में गेंहूं को वोया जाता है। जिसे भुजरियों के नाम से सम्बोधित किया जाता है जिसका इस पर्व में विशेष महत्व होता है। क्यांेकि राखी बांधने के बाद भुजरियों को ऊपर से तोड़कर बहिने भाईयों के कानों मे लगाती है। बाद में इनका विसर्जन करने के लिए नवीन प्रकार के परिधान पहनकर बहिने इन्हें बहते हुए विसर्जित करती है। साथ ही उस स्थान पर मेले का आयोजन भी होता है। मेले में नन्हें मुन्हें बच्चों ने जाकर खूब आनंद उठाया व अपने मनपसंद झूले व चाट पकोड़ो का भी आनंद लिया।
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बिन किराए की यात्रा को लेकर रोडवेज बसों में रही मारामारी
कासगंज। प्रदेश की योगी सरकार की ओर से रक्षाबंधन के दिन 24 घंटे के लिए महिलाओं को बिना किराए के यात्रा कराए जाने के आदेश दिए गए थे। मुख्यमंत्री के इन आदेशों के बाद रक्षाबंधन पर्व पर पूरे दिन रोडवेज बसों में मारामारी का आलम दिखाई दिया। खासतौर से महिलाएं बसों में सवार होने के लिए धक्का मुक्की का सामना करती दिखाई दीं। रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ी बसों पर भीड़ बेशुमार थी। जैसे ही बसें इधर-उधर से आकर रुकतीं, लोगों की भीड़ उमड़ पडती। रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा के बाद महिलाएं डग्गेमार वाहनों से भी बचती दिखाई दीं। वहीं गंजडुडवारा में एटा गंजडुंडवारा मार्ग पर एक भी रोडवेज बस नहीं मिली। गंजडुंडवारा से एटा जा रहीं कई बहनें योगी सरकार को कोसती दिखीं। इस बार भी हालात पिछले रक्षाबंधन जैसे ही रहे। गंतव्य तक पहुंचने के लिए बहनों को डग्गामारी वाहनो में ही मारामारी का षिकार होना पड़ा।
Author: Soron Live 24

