मांगे नहीं मानी गईं तो जल्द होगा विधानसभा का घेराव-श्रवण कुशवाहा
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने सीएम को संबोधित 25 सूत्रीय ज्ञापन बीएसए को सौंपा।
कासगंज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ(एकजुट) जनपद इकाई कासगंज के पदाधिकरियों ने शिक्षकों की लंबित मांगों के निस्तारण के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री संबोधित 25 सूत्रीय ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतिनिधि को सौंपा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतिनिधि राजेश यादव को सौंपे ज्ञापन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) जनपद इकाई कासगंज के पदाधिकारियों ने मांग की है कि अन्य प्रदेशों की भाँति उत्तर प्रदेश में भी पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाये। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का छात्र, अभिभावक एवं शिक्षक हित में राजकीयकरण किया जाये। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनयम 2023 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की पदोन्नति की धारा-12, कार्यवाहक प्रधानाचार्य को तदर्थ ग्रेड पदान करने की धारा-18 तथा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की धारा- 21 को हुबहू पुर्नस्थापित किया जाये। किसी नियम के अभाव में विगत एक वर्ष से पूरे प्रदेश में प्रवक्ता पद पर पदोन्नति बंद है. तत्काल पदोन्नति प्रक्रिया शुरू किया जाये। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत स्थापित किसी भी कार्यालय में फाइलों के निस्तारण की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है, जिसके कारण शिक्षकों का प्रत्येक स्तर आर्थिक एवं मानिसक शोषण हो रहा है। संघ द्वारा सभी कार्यालयो में सिटीजन चार्टर लागू करने एवं उसके अनुसार कार्य निष्पादन की मॉग कई बार उठायी गयी है। सिटीजन चार्टर का प्रारूप निर्धारित करने शिक्षा निदेशक माध्यमिक द्वारा एक समिति का गंठन 14 मार्च 2024 को करते हुये 15 अप्रैल 2024 तक प्रारूप निर्धारित करने का समय दिया गया था, किन्तु अद्यतन सिटीजन चार्टर लागू नही किया गया है। अतः बिना बिलंब तत्काल सभी कार्यालयों में सिटीजन चार्टर लागू करते हुये पलैक्स लगवाया जाये एवं तदानुसार कार्यों का सम्पदन सुनिश्चित किया जाये। साथ ही दोनो तरफ से एनओसी रहित आनलाइन मेरिट बेस्ड स्थानान्तरण किये जाये। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के 50 प्रतिशत से अधिक प्रधानाचार्य पद विर्गत 10 वर्ष से चयन न होने के कारण रिक्त है अतः सभी रिक्त प्रधानाचार्य पदों को अधियाचित करते हुये लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के माध्यम से चयन प्रक्रिया सम्पादित करते हुए भरा जाय। प्रधानाचार्य पद हेतु इण्टरमिडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक ( टीजीटी एवं पीजीटी में भेद नहीं) शिक्षण कार्य में 4 वर्ष का अनुभव तथा नियमित रूप से नियुक्ति एवं ट्रेजरी से वेतन प्राप्त करने वालों को ही आवेदन की अनुमति प्रदान किया जाय। 7. अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक कर्मचारी भी बीमार पड़ते हैं अतः उन्हें भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किया जाये। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से हो रही चर्तुथ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति पर विराम लगाया जाय और नियमित नियुक्ति की जाये। सहायता प्राप्तं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षको के पूरे वर्ष में 14 आकास्मिक अवकाश मिलते हैं शिक्षक के परिवार में माता-पिता की मृत्यु की दशा में अन्तिम संस्कार एवं अन्य क्रिया-कलापों के लिए किसी अवकाश की व्यवस्था न होने के कारण अवैतनिक अवकाश लेना पड़ता है। अतः ऐसे संस्कारो के लिए पूरे सेवाकाल केदौरान दो बार 15-15 दिन का विशेष अवकाश प्रदान किया जाये। महिला शिक्षिकाओं के हर माह कठिन परिस्थितियों अर्थात माहवारी के समय प्रत्येक माह 2 दिन का विशेष अवकाश प्रदान किया जाये। सहायक अध्यापक (टीजीटी) का पदनाम सहायक प्रवक्ता किया जाय इससे सरकारी खजाने पर कोई बोझ भी नहीं पड़ेगा। प्रवक्ता पद के बयन वेतनमान की विसंगत्ति जिसमें चयन वेतन मान पर कम से कम एक वेतनवृद्धि के बाराबर आर्थिक लाभ होना चाहिए किन्तु मात्र 900रूपये की वृद्धि हो रही है को दूर करते हुये टेबल में परिवर्तन किया जाये। दिव्यांग शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति उनके गृह जनपद में ही दिया जाय दिव्यांग शिक्षको को अलग-अलग जनपदों में विकलांग भत्ते की अलग-अलग धनराशि (कही 300 रुपये तो कहीं 1000 रुपये ) भुगतान की जा रही है। विकलाग भत्ते में वृद्धि करते हुये सभी जनपदों में समान धनराशि के भुगतान हेतु आदेश जारी किया जाये। नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में अप्रैल से 31 सितम्बर तक के दौरान विद्यालयों के कार्य अवधि में एक घण्टे की वृद्धि की गयी है अतः नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत निर्धारित प्रत्येक माह के द्वितीय व चर्तुथ शनिवार को अवकाश प्रदान किया जाये। वहीं व्यावसायिक शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक के रूप में दर्जा दिया जाए, जैसी अन्य मांगे मौजूद रहीं। साथ ही कहा गया है कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो जल्द होगा विधानसभा का घेराव किया जायेगा। ज्ञापन देने वालों में संरक्षक डा रामबरन सिंह, आय व्यय निरीक्षक देवकरन मौर्य, उपाध्यक्ष विनय कुमार, संयुक्त मंत्री राजेश कुमार, प्रदेश प्रतिनिधि अमर सिंह, प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा, शिक्षक मिथलेश कुमार, मनमोहन सिंह, भगवती प्रसाद सुमन, बसन कुमार, अभिषेक, योगेन्द्र सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
Author: Soron Live 24

