महानवमी पर धूमधाम से निकली नौरता की बारात, विधि-विधान से हुआ नौरता-नौरती का विवाह

शारदीय नवरात्रि में जीवंत हुई पौराणिक परंपरा, शिव-पार्वती के स्वरूप में सजे नौरता-नौरती; वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुईं विवाह की रस्में
कासगंज। जनपद कासगंज में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था, भक्ति और लोक परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। महानवमी के अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार नौरता-नौरती का विवाह समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। गाजे-बाजे के साथ निकली बारात, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रस्मों ने पूरे आयोजन को भक्तिमय बना दिया।
नौ दिनों तक चले इस विशेष अनुष्ठान की तैयारियां श्रद्धा और परंपरागत विधि-विधान के साथ की गईं। मां गौरी के स्वरूप में नौरती को डॉ. महिपाल सिंह के आवास पर सजाया गया, जबकि भगवान शिव के स्वरूप में नौरता को डॉ. धर्मवीर के निवास पर तैयार किया गया।
सोमवार को महानवमी के शुभ अवसर पर डॉ. धर्मवीर के आवास से नौरता की भव्य बारात गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। बारात पारंपरिक मार्गों से होती हुई डॉ. महिपाल सिंह के आवास पर पहुंची, जहां घराती पक्ष ने बारातियों का आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच नौरता-नौरती का विवाह संपन्न कराया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालुओं ने नवदंपती स्वरूप को दिया आशीर्वाद
इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में स्थानीय गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने बाराती व घराती के रूप में भाग लिया। डॉ. महिपाल सिंह, डॉ. मनोज, रेखा, डॉ. धर्मवीर, नीरज, शरद जोशी, नेमसिंह और मीरा देवी ने मुख्य यजमान एवं आयोजक की भूमिका निभाई।
इसके अलावा जयवीर सिंह एडवोकेट, गीता, रमा भारती, तेजपाल एडवोकेट, सुनील राजपूत, दीपक, मास्टर सतीश चंद्र, मिथलेश कुमारी, राम गोपाल राजपूत और महेश लेखपाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने नौरता-नौरती के स्वरूपों को आशीर्वाद दिया।
विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन के समापन पर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत किया।
रिपोर्ट: सचिन उपाध्याय कासगंज | Soron Live 24
Author: Soron Live 24

