आर्यावर्त बैंक अमापुर में मैनेजर अनूप गोयल की ग्राहकों से बदसलूकी ग्राहकों में नाराजगी

अमापुर (कासगंज)। कस्बा स्थित आर्यावर्त बैंक (उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक) इन दिनों अपनी बदहाली, लापरवाही और अधिकारियों की घोर तानाशाही के कारण विवादों के घेरे में है। ताजा मामला शाखा प्रबंधक अनूप गोयल और वहाँ के कैशियर के अड़ियल व अमर्यादित रवैये का है, जहाँ एक चेक जमा करने आए बुजुर्ग उपभोक्ता विष्णु गोयल के साथ बैंक परिसर के भीतर न सिर्फ अभद्रता की गई, बल्कि हस्तक्षेप करने पहुँची यूपी पुलिस की 112 पीआरवी टीम के इंचार्ज के साथ भी मैनेजर ने तीखी नोकझोंक और बदतमीजी की।
चेक क्लियरिंग के नियम ताक पर, मनमर्जी का कानून
मिली जानकारी के अनुसार, प्रिंस गोयल के नाम से जारी एक वैध चेक को लेकर उनके पिता विष्णु गोयल बैंक शाखा में जमा करने पहुँचे थे। वहाँ तैनात कैशियर ने बिना किसी ठोस व कानूनी कारण के चेक लेने से साफ मना कर दिया। जब बुजुर्ग उपभोक्ता विष्णु गोयल ने इसका कारण शाखा प्रबंधक अनूप गोयल से पूछा, तो उन्होंने बैंकिंग नियमों को ताक पर रखते हुए तुगलकी फरमान सुना दिया कि “चेक जिस बैंक और शाखा का है, वहीं जाकर जमा करो।”
जब विष्णु गोयल ने कहा कि चेक उनके बेटे के इसी खाते में जमा होना है, इसलिए इसे यहीं स्वीकार किया जाए, तो मैनेजर अनूप गोयल अपना आपा खो बैठे और सरेआम उल्टी-सीधी भाषा का प्रयोग करते हुए भड़क गए। पीड़ित द्वारा यह कहने पर कि ‘यदि आप चेक जमा नहीं कर रहे तो इसे लिखित में दे दीजिए’, मैनेजर ने साफ कह दिया कि ‘न तो लिखकर देंगे और न ही चेक जमा करेंगे।’
बीच-बचाव करने आई 112 पुलिस से भी उलझे मैनेजर
बैंक मैनेजर की इस गुंडागर्दी और काम रोकने की जिद को देखते हुए पीड़ित ने तुरंत 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँचे 112 के इंचार्ज ने जब नियमों के तहत खाताधारक का चेक खाते में जमा करने को कहा, तो सत्ता और पद के मद में चूर शाखा प्रबंधक अनूप गोयल पुलिस कर्मियों से भी उलझ गए और उनके साथ बेहद बदतमीजी से बात की। हालांकि, पुलिस के कड़े हस्तक्षेप और कानूनी कार्रवाई के डर से आखिरकार बैंक प्रबंधन को झुकना पड़ा और उन्होंने चेक तो जमा कर लिया, लेकिन इस पूरी घटना से बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
1 बजे ही बैंक से गायब हो जाते हैं मैनेजर, जनता परेशान
क्षेत्रीय ग्रामीणों और कस्बे के व्यापारियों का आरोप है कि आम आदमी के साथ मैनेजर अनूप गोयल और स्टाफ का ऐसा दुर्व्यवहार आए दिन की बात बन चुका है। इतना ही नहीं, शाखा प्रबंधक अपनी ड्यूटी के प्रति भी घोर लापरवाह हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैनेजर अक्सर दोपहर 1:00 बजते ही बैंक छोड़कर गायब हो जाते हैं, जिससे दूर-दराज के गांवों से आने वाले किसानों और बुजुर्गों को बैरंग लौटना पड़ता है।
क्षेत्रीय प्रबंधक से कार्रवाई की मांग
इस पूरी घटना के बाद कस्बे के लोगों और आर्यावर्त बैंक के क्षेत्रीय ग्राहकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने इस संदर्भ में बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक (Regional Manager) से तत्काल हस्तक्षेप करने और उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने वाले शाखा प्रबंधक अनूप गोयल व संबंधित कैशियर के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि ऐसे तानाशाह अधिकारियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे बैंक के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
Author: Soron Live 24

