दोस्ती का भरोसा पड़ा भारी, लालच में गई 18 वर्षीय किशोरी की जान

रुपये-जेवर हड़पने के लिए चार युवकों ने रची साजिश, 24 घंटे में पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा कासगंज। अशोक नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास 18 वर्षीय किशोरी की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है।
पुलिस के अनुसार, किशोरी से दोस्ती रखने वाले आरोपी ने उसके पास रुपये और जेवर होने की जानकारी अपने साथियों को दी। इसके बाद लालच में चारों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 1,35,100 रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, मृतका का मोबाइल फोन, दुपट्टा और चाकू बरामद किया है।
पहले दोस्ती, फिर भरोसा और आखिर में साजिश
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी समीर की मृतका से करीब तीन-चार साल से दोस्ती थी। पूछताछ में सामने आया कि मृतका के पास रुपये और जेवर होने की जानकारी समीर को थी। इसके बाद उसने अपने साथी अमित, अरशद और अरसलान के साथ मिलकर रुपये और जेवर हड़पने की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, चारों किशोरी को फतेह सिंह के खेत में ट्यूबवेल की चारदीवारी में बनी कोठरी के पास ले गए। वहां उसका गला दबाया गया। बेहोश होने के बाद चाकू से उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया और शव को ट्यूबवेल की कोठरी की छत पर रख दिया।
पांच पुलिस टीमों ने शुरू की थी जांच
23 सितंबर की सुबह अशोक नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास खेत में बनी समरसेबल की कोठरी की छत पर किशोरी का शव मिलने के बाद कोतवाली कासगंज में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पांच टीमें गठित कीं। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस, मुखबिर की सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को पुरानी रेलवे क्रॉसिंग, अशोक नगर से गिरफ्तार कर लिया।
चार आरोपी गिरफ्तार
- समीर, निवासी अशोक नगर, कासगंज
- अमित, निवासी इंडस्ट्रियल एरिया इस्माइलपुर रोड, कासगंज
- अरशद, निवासी मस्जिद वाली गली, कासगंज
- अरसलान, निवासी तहसील रोड, कासगंज
नकदी और जेवर बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1,35,100 रुपये, दो अंगूठियां, कानों के टॉप्स, हथफूल, पायल, मृतका का मोबाइल फोन, दुपट्टा और चाकू बरामद किया है।
घटना ने सोशल मीडिया की दोस्ती को लेकर भी बढ़ाई चिंता
यह घटना किशोरों और युवाओं की सोशल मीडिया पर होने वाली दोस्ती को लेकर भी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है। आज इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती आसानी से हो जाती है। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ने पर कई युवा सामने वाले पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने लगते हैं और परिवार से महत्वपूर्ण बातें छिपाने लगते हैं।
जरूरी संदेश: ऑनलाइन किसी से दोस्ती होना उसके भरोसेमंद होने की गारंटी नहीं है। युवाओं को अपनी निजी जानकारी, फोटो, आर्थिक स्थिति या पारिवारिक बातों को किसी बाहरी व्यक्ति से साझा करने में सावधानी बरतनी चाहिए। किसी दोस्त की बात संदिग्ध लगे, दबाव बनाया जाए या मिलने के लिए मजबूर किया जाए तो इसकी जानकारी तुरंत माता-पिता या परिवार के भरोसेमंद सदस्य को देनी चाहिए।
माता-पिता के लिए भी जरूरी है कि वे बच्चों से डांट-फटकार के बजाय दोस्ताना तरीके से बातचीत करें, ताकि बच्चे अपनी ऑनलाइन दोस्ती और परेशानियों को बिना डर परिवार के साथ साझा कर सकें। परिवार का भरोसा और खुला संवाद ऐसी घटनाओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Author: Soron Live 24

