परिवर्तिनी एकादशी पर शूकरक्षेत्र धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई पंचकोशीय परिक्रमा, जय श्रीवराह और हर-हर गंगे के जयघोष से गूंजा तीर्थनगरी का क्षेत्र

सोरों/कासगंज। भगवान श्रीवराह के प्रिय धाम, आदि तीर्थ एवं मोक्षदायिनी तीर्थ नगरी श्री शूकरक्षेत्र धाम सोरों जी में मंगलवार को परिवर्तिनी एकादशी के पावन अवसर पर पंचकोशीय परिक्रमा श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। प्रातः भगवान श्रीवराह मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन के बाद शुरू हुई परिक्रमा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
परिक्रमा के दौरान “जय श्रीवराह, हर-हर गंगे”, “ॐ जय गंगे, ॐ जय वराह” और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” के जयघोष से पूरा शूकरक्षेत्र धाम भक्तिमय हो उठा। भजन-कीर्तन और भगवान के नाम-स्मरण के साथ श्रद्धालुओं की टोलियां पंचकोशीय परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ती रहीं।

भगवान श्रीवराह के पूजन के साथ हुआ परिक्रमा का शुभारंभ
ब्राह्मण कल्याण सभा (रजि.) एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के तत्वावधान में पंचकोशीय परिक्रमा का शुभारंभ सुबह सात बजे भगवान श्रीवराह मंदिर से हुआ। परिक्रमा से पूर्व श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीवराह के चरणों में नमन कर पूजन-अर्चन किया तथा धर्म-संस्कृति की रक्षा और शूकरक्षेत्र धाम की गौरवशाली विरासत के संरक्षण का संकल्प लिया।
ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने परिक्रमा शुरू की। मार्ग में विभिन्न पावन स्थलों पर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया गया। हरि की पैड़ी स्थित आदि गंगा में श्रद्धालुओं ने स्नान एवं पूजन कर विश्व कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
इन प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी परिक्रमा
पंचकोशीय परिक्रमा हरि की पैड़ी स्थित भगवान श्रीवराह मंदिर से प्रारंभ होकर वराह विश्राम घाट, वराह गौशाला, चक्रतीर्थ स्थित योगेश्वर महादेव मंदिर, सूर्यकुंड, दूधेश्वर महादेव मंदिर, सीताराम मंदिर, जया देवी भद्रकाली सिद्धपीठ, सतयुगकालीन गृद्धवट, आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित श्री यंत्र, ग्राम देवी मंदिर और गोस्वामी तुलसीदास जन्मस्थान मंदिर होते हुए 84 घंटे वाली मैया पहुंची।
इसके बाद श्रद्धालु सेड़ूनगरा होते हुए भगवान श्रीकृष्ण एवं बलदाऊ महाराज की क्रीड़ास्थली तथा वत्सासुर मोक्षस्थली बाछरू महाराज के दर्शन करते हुए सीता रसोई पहुंचे। यहां प्रत्येक एकादशी की तरह इस बार भी शिव शक्ति प्रॉपर्टीज के रामदर्शन महेरे, नीरज तिवारी, सुमित दीक्षित एवं सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, शीतल पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था की गई।
इसके बाद परिक्रमा ममता देवी भवन ‘प्रेम जी की बगीची’ पहुंची, जहां दीपक बड़गैयाँ एवं उनके परिवार और सहयोगियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर प्रसाद वितरित किया। आगे सिग्नल वाले महाराज पर अशोक धमनावत, विजय तिवारी, अवधेश तिवारी एवं अन्य श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरण और संकीर्तन का आयोजन किया।
परिवर्तिनी एकादशी के धार्मिक महत्व पर डाला प्रकाश
शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के सहसंयोजक शिवानंद उपाध्याय ने परिवर्तिनी एकादशी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसे पद्मा एकादशी, पार्श्व एकादशी, जलझूलनी एकादशी और डोल ग्यारस के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि चातुर्मास के दौरान क्षीर सागर में शयन कर रहे भगवान विष्णु इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी या पार्श्व एकादशी कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वामन स्वरूप की पूजा करने से व्रती को वाजपेय यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार माता यशोदा द्वारा जलाशय पर जाकर श्रीकृष्ण के वस्त्र धोने से इसे जलझूलनी एकादशी भी कहा जाता है।
भागीरथ गुफा और कपिल मुनि आश्रम के किए दर्शन
विनोद दीक्षित ने बताया कि श्रद्धालुओं ने आगे भागीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, वनखंडेश्वर महादेव, करुआ देव महाराज तथा श्री चैतन्य महाप्रभु की बैठक के दर्शन किए। इसके बाद श्रद्धालु पुनः हरि की पैड़ी स्थित भगवान श्रीवराह मंदिर पहुंचे, जहां पंचकोशीय परिक्रमा पूर्ण हुई।
ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पाण्डेय ने परिक्रमा में शामिल सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एकादशी पर पंचकोशीय परिक्रमा की परंपरा सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और शूकरक्षेत्र की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। श्रद्धालुओं की सहभागिता इस परंपरा को निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करती है।
इस अवसर पर शिवानंद उपाध्याय, विनोद दीक्षित, अभय भारद्वाज, शशांक दीक्षित, शैलेन्द्र तिवारी, हाकिम सिंह, राहुल भारद्वाज, राजकुमार गौड़, सचिन गुप्ता, जितेंद्र कुमार हल्दिया, हरिओम पचौरी, गिरिजाशंकर पाठक, योगेश उपाध्याय, श्यामवीर सिंह, लालाराम शाक्य, हरिओम गुप्ता, मनोज कुमार, चंचल राजपूत, संजीव कुमार भारद्वाज, प्रमोद कुमार भारद्वाज, सूरजपाल भारद्वाज, नीलम मौर्य, मोहन सिंह तौमर, लाखन सिंह, प्रदीप उपाध्याय, बलवीर, टिंकू, ईश्वरी प्रसाद, कांता प्रसाद, अजय पाल सिंह सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीवराह और मां गंगा की आराधना कर सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की प्रार्थना की।
Author: Soron Live 24

